Haryana News: मुरथल के ढाबे पर बदला खाना परोसने का अंदाज, अब वेटर नहीं रोबोट पहुंचा रहा टेबल तक खाना

मुरथल के रेशम ढाबे पर अब ग्राहकों को खाना परोसने का अंदाज पूरी तरह बदल गया है। यहां वेटर के साथ रोबोट भी टेबल तक खाना पहुंचा रहा है। नेविगेशन सिस्टम और रिमोट कंट्रोल से संचालित यह रोबोट ग्राहकों के आकर्षण का केंद्र बना है, वहीं बच्चे इसके साथ सेल्फी लेते नजर आ रहे हैं।

मुरथल के ढाबे पर बदला खाना परोसने का अंदाज

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अगस्त 17, 2026

Haryana News: हरियाणा के मुरथल के ढाबे अपनी देसी खाने की खुशबू और खास स्वाद के लिए देशभर में मशहूर हैं। लेकिन अब यहां खाने के साथ तकनीक का नया तड़का भी देखने को मिल रहा है। मुरथल के रेशम ढाबे पर ग्राहकों को खाना परोसने के लिए अब इंसानी वेटर के साथ एक रोबोट भी काम कर रहा है। रोबोट को टेबल तक खाना पहुंचाते देखकर ग्राहक भी काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं।

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ऑर्डर तैयार होते ही शुरू हो जाता है रोबोट का सफर

ढाबे पर जब किसी ग्राहक का ऑर्डर तैयार होता है, तो खाने से भरी ट्रे रोबोट के ऊपर बने विशेष हिस्से में रख दी जाती है। इसके बाद रोबोट अपने नेविगेशन सिस्टम की मदद से निर्धारित रास्ते पर आगे बढ़ता है और ग्राहक की टेबल तक पहुंच जाता है।

यानी अब ग्राहक को खाना परोसने के लिए वेटर के पहुंचने का इंतजार नहीं करना पड़ता। रोबोट खुद रास्ता तय करते हुए खाने की ट्रे लेकर टेबल तक जाता है। वहां पहुंचने के बाद स्टाफ ग्राहक को खाना लेने में मदद करता है।

सॉफ्टवेयर और रिमोट कंट्रोल से होता है संचालन

इस खास रोबोट को संचालित करने के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसमें सॉफ्टवेयर चिप लगी हुई है, जबकि जरूरत पड़ने पर इसे रिमोट कंट्रोल के जरिए भी ऑपरेट किया जा सकता है। रोबोट के अंदर मौजूद सिस्टम उसे ढाबे के निर्धारित रास्तों पर चलने में मदद करता है।

इसके डिजाइन को भी खास अंदाज में तैयार किया गया है। रोबोट की आंखों में लगी एलईडी लाइट और फाइबर से तैयार बाहरी बॉडी इसे अलग और आकर्षक रूप देती है। आंखों में चमकती लाल रोशनी इसे देखने में और भी दिलचस्प बनाती है।

एक चार्ज में करीब दो घंटे तक दे सकता है सर्विस

ढाबा प्रबंधन के मुताबिक, रोबोट को एक बार पूरी तरह चार्ज करने के बाद करीब डेढ़ से दो घंटे तक इस्तेमाल किया जा सकता है। रोबोट के संचालन और जरूरत पड़ने पर उसे नियंत्रित करने के लिए अलग टीम भी मौजूद रहती है।

यह टीम रोबोट की गतिविधियों पर नजर रखती है और आवश्यकता पड़ने पर रिमोट के जरिए उसका संचालन करती है। इससे ग्राहकों तक खाना पहुंचाने के दौरान किसी तरह की परेशानी होने पर तुरंत मदद की जा सकती है।

रोबोट को देखकर बच्चे सबसे ज्यादा उत्साहित

ढाबे पर आने वाले ग्राहकों के लिए यह रोबोट किसी आकर्षण से कम नहीं है। जैसे ही रोबोट खाने की ट्रे लेकर टेबलों के बीच से गुजरता है, लोग उसे देखने के लिए रुक जाते हैं। कई ग्राहक मोबाइल निकालकर उसका वीडियो बनाने लगते हैं, जबकि कुछ लोग रोबोट के साथ सेल्फी लेते हुए भी नजर आते हैं।

खासकर बच्चों के बीच रोबोट को लेकर काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। उनके लिए ढाबे पर खाना खाने का अनुभव अब सिर्फ खाने तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि उन्हें वहीं नई तकनीक को करीब से देखने का मौका भी मिल रहा है।

खाने के लिए नहीं देना होगा कोई अतिरिक्त चार्ज

रोबोट से खाना सर्व कराने की सुविधा की सबसे खास बात यह है कि इसके लिए ग्राहकों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जा रहा है। यानी ग्राहक को अपने पसंदीदा ढाबे का वही पारंपरिक स्वाद मिलेगा, लेकिन खाना टेबल तक पहुंचाने का तरीका आधुनिक और तकनीकी हो गया है।

बेंगलुरु की टीम ने तैयार किया रोबोट

ढाबे के मैनेजर संजय ने बताया कि इस रोबोट को बेंगलुरु की एक टीम की मदद से तैयार करवाया गया है। इसका उद्देश्य मुरथल आने वाले ग्राहकों को स्वादिष्ट भोजन के साथ तकनीक का नया अनुभव देना है। मुरथल के पारंपरिक ढाबे में रोबोट की एंट्री अब ग्राहकों के लिए आकर्षण का नया केंद्र बन गई है। देसी खाने और आधुनिक तकनीक का यह मेल आने वाले दिनों में ढाबे की पहचान को एक नया अंदाज दे सकता है।

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