Sugar Price Hike: हरियाणा में आगामी त्योहारों और शादियों के सीजन की शुरुआत से ठीक पहले आम जनता की जेब पर बड़ा असर पड़ा है। राज्य में बीते डेढ़ महीने के भीतर चीनी की खुदरा कीमतों में लगभग 45 प्रतिशत तक का भारी उछाल दर्ज किया गया है। कुछ समय पहले तक जो चीनी खुदरा बाजारों में 42 से 45 रुपये प्रति किलो के भाव पर आसानी से मिल रही थी, उसके लिए अब उपभोक्ताओं को 62 से 65 रुपये प्रति किलो तक चुकाने पड़ रहे हैं।
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चीनी के महंगे होने के मुख्य कारण
चीनी मिलों के जानकारों और खाद्य कारोबारियों के अनुसार, कीमतों में आई इस अचानक और तीव्र बढ़ोतरी के पीछे कई प्रमुख वजहें जुड़ी हुई हैं:
मौसम और पैदावार पर असर: हालिया महीनों में बारिश की अनिश्चितता और प्रतिकूल मौसम के चलते कई प्रमुख क्षेत्रों में गन्ने की फसल की पैदावार में कमी आई है।
एथेनॉल उत्पादन में डायवर्जन: गन्ने और उसके उप-उत्पादों (बाय-प्रोडक्ट्स) का एक बड़ा हिस्सा (लगभग 33%) अब एथेनॉल बनाने के कार्य में उपयोग किया जा रहा है, जिसकी वजह से चीनी मिलों में चीनी का कुल उत्पादन घट गया है।
किसानों का रुझान बदलना: गन्ने के लंबे फसल चक्र और चीनी मिलों की तरफ से समय पर भुगतान न मिलने के कारण कई किसान अब अन्य फसलों की खेती की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे गन्ने का कुल रकबा प्रभावित हुआ है।
सरकार की कोई भूमिका नहीं: कैबिनेट मंत्री
पानीपत में आयोजित एक समीक्षा बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए हरियाणा के कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने बढ़ती कीमतों पर स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि चीनी के दामों में हुआ यह उछाल पूरी तरह से मांग और आपूर्ति के बाजार-जनित नियमों पर आधारित है। मंत्री ने साफ किया कि इस मूल्य वृद्धि में सरकार की किसी भी प्रकार की प्रत्यक्ष भूमिका नहीं है, और यह स्थिति पूरी तरह से बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करती है।
व्यापार और त्योहारी सीजन पर गहरा असर
चीनी के भाव में आई इस तेजी का सीधा और नकारात्मक असर किराना कारोबार, होटल उद्योग और मिष्ठान भंडारों (हलवाइयों) पर पड़ रहा है। कच्चे माल के महंगे होने की वजह से कई चाय दुकानदारों ने चाय के दाम बढ़ा दिए हैं। वहीं, स्थानीय हलवाई संघों का कहना है कि अगर हालात ऐसे ही बने रहे, तो आने वाले त्योहारी सीजन में मिठाइयों के भाव 20 से 30 रुपये प्रति किलो तक बढ़ाने पड़ सकते हैं। बाजार के जानकारों ने यह भी आशंका जताई है कि यदि समय रहते आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले हफ्तों में चीनी की कीमतें 75 रुपये प्रति किलो के आंकड़े को भी छू सकती हैं।
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