Sudivya Kumar Sonu Death: झारखंड सरकार को बड़ा झटका, मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का निधन

Sudivya Kumar Sonu Death: झारखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता सुदिव्य कुमार सोनू का कल देर रात दिल का दौरा पड़ने से असामयिक निधन हो गया है। अस्पताल ले जाने से ठीक पहले सुदिव्य कुमार सोनू ने अपने घर पर सीने में बेचैनी और असहजता होने की बात कही थी। जिसके बाद घर के लोग और सहयोगियों ने उन्हें तुरंत ​गिरिडीह के एक नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया, और डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की। लेकिन इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई। उनकी मौत की सूचना मिलते हैं राजनीतिक हलकों

Sudivya Kumar Sonu Death

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

सितम्बर 6, 2026

Sudivya Kumar Sonu Death: झारखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता सुदिव्य कुमार सोनू का कल देर रात दिल का दौरा पड़ने से असामयिक निधन हो गया है। अस्पताल ले जाने से ठीक पहले सुदिव्य कुमार सोनू ने अपने घर पर सीने में बेचैनी और असहजता होने की बात कही थी। जिसके बाद घर के लोग और सहयोगियों ने उन्हें तुरंत ​गिरिडीह के एक नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया, और डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की। लेकिन इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई। उनकी मौत की सूचना मिलते हैं राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दोड़ पड़ी।

शोक में डूबा परिवार

आपको बता दें कि सुदिव्य कुमार सोनू गिरिडीह विधानसभा से दो बार विधायक रह चुके हैं। विधायक के निधन से झारखंड मुक्ति मोर्चा, परिवार और राज्य सरकार गहरे सदमें में है। झारखंड सरकार के परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ ने सोशल मीडिया पर अपने शोक संदेश में लिखा कि उनके सहयोगी और साथी मंत्री का यूं अचानल चले जाना बेहद दुखद है। उन्होंने नम आंखों से अपने साथी को अंतिम विदाई दी और ईश्वर से आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अपनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा, कि जिंदगी की क्षणभंगुरता और अनिश्चितता एक बार फिर पार्टी को गहरे दुख में छोड़ गई। पार्टी ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू का समर्पण, राजनीति संघर्ष और राज्य के विकास में उनक अमूल्य योगदान हमेशा याद किया जाएगा। उनका जाना केवल पार्टी और परिवार के लिए हीं नहीं बल्कि पूरे झारखंड राज्य के लिए अपूरणीय क्षति है।

मुख्यमंत्री के करीबी और संभाल रहे थे कई अहम विभाग

दिवंगत नेता सुदिव्य कुमार सोनू मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बेहद करीबी और भरोसेमंद नेताओं में गिने जाते थे। वह झारखंड सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनके पास उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के साथ-साथ नगर विकास एवं आवास, पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद और युवा कार्य विभाग जैसे अहम मंत्रालय थे। पार्टी संगठन और सरकार से जुड़े नीतिगत मामलों में उनकी सक्रिय भूमिका हमेशा बनी रहती थी।

गोड्डा जिले में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और मतदाता सूचियों पर आपत्तियां

दूसरी ओर, राजनीतिक गतिविधियों के बीच झारखंड में इन दिनों स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। पिछले महीने 5 अगस्त को राज्य में ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल यानी प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया था। इस प्रक्रिया के सामने आने के बाद से राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कई बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) फॉर्म 7 लेकर चुनाव अधिकारियों के पास पहुंच रहे हैं और मतदाता सूची से कुछ विशेष नामों को हटाने की मांग कर रहे हैं। इस पूरी प्रक्रिया में एक खास पैटर्न सामने आ रहा है, जिसके तहत जिन नामों पर सबसे ज्यादा आपत्तियां दर्ज कराई जा रही हैं, वे मुख्य रूप से अल्पसंख्यक समुदाय से ताल्लुक रखते हैं।

गोड्डा जिले से सामने आए मामलों में अब्दुल मन्नान खान, मोहम्मद नौशाद, मोहम्मद शफीक, बीबी बसिलन और मोहम्मद असलम जैसे नाम शामिल हैं, जिन पर से नाम हटाने की मांग की गई है। पिछले एक महीने से चल रही इस प्रक्रिया और सामने आ रहे इन विशेष मामलों ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है, जिस पर प्रशासन की पैनी नजर बनी हुई है।

सैफई महोत्सव व बग्घी पर खर्च पैसे से संवर सकता था लाखों बच्चों का भविष्य: सीएम योगी