Sudan Drone Attacks : सूडान में ड्रोन हमलों से 160 से ज्यादा मौतें, गृहयुद्ध में 59 हजार की जान गई

सूडान में ड्रोन हमलों ने एक बार फिर भीषण तबाही मचाई है। कुछ ही दिनों में 160 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर है, जबकि गृहयुद्ध में मृतकों की संख्या 59 हजार पहुंच चुकी है। लाखों लोग बेघर हैं। आखिर कब थमेगी हिंसा और क्या अंतरराष्ट्रीय प्रयास युद्ध रोक पाएंगे?

Sudan Drone Attacks

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 20, 2026

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Sudan Drone Attacks :  अफ्रीकी देश सूडान में पिछले कुछ दिनों के दौरान हुए ड्रोन हमलों में 160 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। चिकित्सा कर्मियों और मानवाधिकार संगठनों ने इन हमलों में भारी जनहानि की जानकारी दी है। कतर के समाचार माध्यम अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2023 से जारी गृहयुद्ध में अब तक कम से कम 59 हजार लोगों की जान जा चुकी है। लगातार बढ़ते हमलों ने आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।

खार्तूम में भी हमला, तीन बच्चों की मौत

सूडान में नागरिकों के खिलाफ हिंसा पर नजर रखने वाले संगठन इमरजेंसी लॉयर्स के मुताबिक, सोमवार को राजधानी खार्तूम में हुए ड्रोन हमले में तीन बच्चों की मौत हो गई। संगठन ने बताया कि शुक्रवार से देश के पश्चिमी हिस्सों में हुए हमलों में 160 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की खबरें सामने आई हैं।इन हमलों के लिए सूडान की सेना और विद्रोही अर्धसैनिक संगठन रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (आरएसएफ), दोनों पर आरोप लगाए गए हैं। वर्ष 2023 से दोनों पक्षों के बीच संघर्ष जारी है। हाल के महीनों में ड्रोन हमलों के बढ़ते इस्तेमाल ने आम नागरिकों के लिए खतरा और बढ़ा दिया है।

पश्चिम कोर्दोफान में बाजार के पास भीषण हमला

हालिया घटनाओं में सबसे घातक हमला रविवार शाम दक्षिण-पश्चिमी सूडान के पश्चिम कोर्दोफान राज्य के अल-दिबाब शहर में हुआ। यह इलाका आरएसएफ के नियंत्रण में बताया गया है। स्थानीय लोगों और चिकित्सा कर्मियों के अनुसार, बाजार बंद होने के बाद गांवों के लोग घर लौटने के लिए एक परिवहन केंद्र पर वाहन का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान ड्रोन हमला हुआ, जिसमें शुरुआती जानकारी के मुताबिक 80 लोगों की मौत हो गई।चिकित्सा सूत्रों ने बताया कि हमले में घायल 47 लोगों को नजदीकी अल-मुजिलाद शहर ले जाया गया। इनमें से 30 लोगों की बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई। समाचार एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। आरएसएफ के स्वघोषित प्रशासन ‘तासिस’ और इमरजेंसी लॉयर्स ने हमले के लिए सूडानी सेना को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

2023 में कैसे शुरू हुआ सूडान का गृहयुद्ध?

सूडान में मौजूदा संघर्ष अप्रैल 2023 में शुरू हुआ था। सेना प्रमुख अब्देल फतह अल-बुरहान और आरएसएफ के नेता मोहम्मद हमदान दगालो, जिन्हें हेमेदती के नाम से भी जाना जाता है, के बीच सत्ता को लेकर विवाद बढ़ गया था। आरएसएफ को सूडानी सेना में शामिल करने की योजना पर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद देश में सशस्त्र संघर्ष शुरू हो गया, जो अब चौथे वर्ष में पहुंच चुका है। खबर के अनुसार, जून में हेमेदती को युद्ध अपराधों के मामले में उनकी अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई गई।

गृहयुद्ध में 59 हजार मौतें, वास्तविक संख्या अधिक होने की आशंका

संघर्ष पर नजर रखने वाली संस्था एसीएलईडी के आंकड़ों के अनुसार, सूडान में युद्ध के कारण अब तक कम से कम 59 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। राहत संगठनों का मानना है कि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, संघर्ष के कारण लगभग 1 करोड़ 30 लाख लोग अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर हुए हैं। लगातार हिंसा और विस्थापन ने सूडान को दुनिया के सबसे गंभीर मानवीय संकटों में शामिल कर दिया है।

3.37 करोड़ लोगों को खाद्य सहायता की जरूरत

संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के अनुसार, इस वर्ष सूडान में लगभग 3 करोड़ 37 लाख लोगों को तत्काल खाद्य सहायता की आवश्यकता है। इनमें करीब 1 करोड़ 73 लाख बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा, लगभग 8 लाख 25 हजार बच्चों पर गंभीर कुपोषण का खतरा मंडरा रहा है। युद्ध के कारण खाद्य आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं और राहत कार्यों पर दबाव बढ़ गया है। ऐसे हालात में बच्चों और विस्थापित परिवारों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं।

अमेरिका ने युद्धविराम और हथियार प्रतिबंध बढ़ाने की मांग की

सूडान में बिगड़ते हालात के बीच अमेरिका ने पिछले शुक्रवार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से मानवीय युद्धविराम की पहल करने और देश पर लागू हथियार प्रतिबंध का दायरा बढ़ाने की अपील की। हालांकि, चीन और रूस ने प्रतिबंधों के विस्तार का विरोध किया है। इस बीच, लगातार हो रहे ड्रोन हमलों और बढ़ती नागरिक मौतों ने संघर्ष रोकने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को और महत्वपूर्ण बना दिया है।