UP Election 2027: कांग्रेस ने तैयार की 150 सीटों की सूची, सपा के सामने क्या होगी प्रियंका की रणनीति?

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। पार्टी ने करीब 150 सीटों की सूची तैयार की है और हर सीट के जातिगत, सामाजिक व भौगोलिक समीकरण का आकलन कर रही है। प्रियंका गांधी की अगुवाई में यह रिपोर्ट समाजवादी पार्टी के साथ सीट बंटवारे की बातचीत में अहम भूमिका निभा सकती है।

UP Election 2027

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 20, 2026

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UP Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी अब समाजवादी पार्टी के साथ सीटों के बंटवारे की बातचीत से पहले अपना मजबूत पक्ष तैयार करना चाहती है। इसी रणनीति के तहत कांग्रेस ने करीब 150 विधानसभा सीटों की एक सूची तैयार की है। इन सीटों पर पार्टी अपनी जीत की संभावनाओं को लेकर विस्तार से आकलन कर रही है। इस पूरी कवायद में प्रियंका गांधी की अहम भूमिका मानी जा रही है।

प्रियंका गांधी को एक हफ्ते में मिलेगी सीटों की रिपोर्ट

प्रियंका गांधी को एक हफ्ते में मिलेगी सीटों की रिपोर्ट

जानकारी के मुताबिक, प्रियंका गांधी के साथ हुई बैठक में उत्तर प्रदेश की चुनावी रणनीति पर चर्चा हुई। अब स्ट्रेटजी कमेटी एक हफ्ते के भीतर दोबारा रिपोर्ट सौंपेगी। इस रिपोर्ट में उन 150 सीटों का विस्तृत ब्योरा शामिल होगा, जहां कांग्रेस अपनी स्थिति मजबूत मान रही है। पार्टी का जोर केवल सीटों की संख्या तय करने पर नहीं, बल्कि हर सीट पर जीत का ठोस आधार तलाशने पर है।

जातिगत समीकरण से लेकर महिला और युवा वोटरों तक का आकलन

कांग्रेस की रिपोर्ट में हर विधानसभा सीट का सामाजिक, भौगोलिक और जातिगत समीकरण देखा जाएगा। इसके साथ ही महिला मतदाताओं, युवा वोटरों और इलाके के पारंपरिक राजनीतिक इतिहास का भी आकलन किया जाएगा। पार्टी यह समझने की कोशिश करेगी कि किस सीट पर उसका पुराना जनाधार कितना मजबूत है और कहां नए मतदाताओं के बीच पकड़ बढ़ाई जा सकती है। संभावित उम्मीदवारों की लोकप्रियता, स्थानीय प्रभाव और चुनाव जीतने की क्षमता को भी रिपोर्ट का अहम हिस्सा बनाया जाएगा।

समाजवादी पार्टी से सीट बंटवारे में मजबूत दावेदारी की तैयारी

समाजवादी पार्टी से सीट बंटवारे में मजबूत दावेदारी की तैयारी

कांग्रेस की इस रणनीति का एक बड़ा मकसद समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन की बातचीत में अपनी दावेदारी मजबूत करना है। पार्टी चाहती है कि जब सीटों के बंटवारे पर बातचीत हो, तो उसके पास 150 सीटों के पक्ष में ठोस आंकड़े और स्थानीय स्तर के तर्क मौजूद हों। कांग्रेस यह बताना चाहती है कि किन सीटों पर उसका संगठन मजबूत है और वह वहां चुनाव जीतने की स्थिति में क्यों है। हालांकि, अभी तक दोनों दलों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर किसी अंतिम समझौते की जानकारी सामने नहीं आई है।

सांसदों से भी लिया जाएगा चुनावी फीडबैक

बताया जा रहा है कि एक हफ्ते बाद प्रियंका गांधी उत्तर प्रदेश की पूरी टीम के साथ राज्य के सांसदों से भी मुलाकात करेंगी। इस बैठक में सांसदों से उनके क्षेत्रों की राजनीतिक स्थिति, संगठन की मजबूती और संभावित उम्मीदवारों को लेकर फीडबैक लिया जाएगा। इसके आधार पर पार्टी अपनी रणनीति को और स्पष्ट कर सकती है। कांग्रेस की कोशिश है कि सीटों के बंटवारे से पहले जमीनी स्थिति की पूरी तस्वीर उसके सामने हो।

सपा के साथ गठबंधन में सम्मानजनक सीटें चाहती है कांग्रेस

उत्तर प्रदेश के अलावा कांग्रेस की नजर पंजाब और उत्तराखंड जैसे राज्यों पर भी है। यूपी में पार्टी इस बार समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर अपनी राजनीतिक ताकत बढ़ाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी और इमरान मसूद समेत कई नेता सम्मानजनक सीटों की मांग की बात कह चुके हैं। राजनीतिक चर्चाओं में 150 से लेकर 200 सीटों तक के अलग-अलग आंकड़े सामने आते रहे हैं, लेकिन दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व की ओर से सीटों की संख्या पर कोई अंतिम संकेत नहीं दिया गया है।

लोकसभा चुनाव में बढ़े वोट प्रतिशत से कांग्रेस को उम्मीद

पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में छह सीटों पर जीत दर्ज की थी और पार्टी का वोट प्रतिशत भी बढ़ा था। इसी प्रदर्शन को विधानसभा चुनाव में आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस अपने पारंपरिक समर्थन आधार, दलित, मुस्लिम और ब्राह्मण मतदाताओं के साथ-साथ महिला और युवा वोटरों पर भी ध्यान दे रही है। पार्टी संगठन को मजबूत करने और संभावित उम्मीदवारों की पहचान करने में जुटी है।

2027 में कांग्रेस की रणनीति गठबंधन के फैसले पर भी निर्भर

2027 में कांग्रेस की रणनीति गठबंधन के फैसले पर भी निर्भर

फिलहाल कांग्रेस की प्राथमिकता अपनी मजबूत सीटों की पहचान करना और जीत की संभावनाओं का आंतरिक आकलन करना है। इसके बाद समाजवादी पार्टी के साथ बातचीत में इन निष्कर्षों को आधार बनाया जा सकता है। हालांकि, गठबंधन का अंतिम स्वरूप और सीटों का बंटवारा दोनों दलों के नेतृत्व के फैसले पर निर्भर करेगा। अब देखना होगा कि कांग्रेस की 150 सीटों वाली रणनीति सपा के साथ बातचीत में कितनी असरदार साबित होती है और 2027 के चुनाव में पार्टी को इससे कितना फायदा मिलता है।