हेमंत सोरेन के फैसले पर छात्रों ने बांटी मिठाइयां, कहा- परीक्षा रद्द होना पहली जीत, CBI जांच तक अनशन जारी

 रांची मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा जेएसएससी सीजीएल और टीडीपीएल एजेंसी द्वारा आयोजित सभी भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा के बाद आंदोलनकारी छात्रों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई है. लंबे समय से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में डटे अभ्यर्थियों ने भारी बारिश के बीच एक-दूसरे को गले लगाकर और मिठाइयां बांटकर इस निर्णय का स्वागत किया. छात्र आंदोलनकारियों ने इस फैसले को युवाओं के लंबे संघर्ष, एकजुटता और निष्पक्षता की लड़ाई की पहली बड़ी जीत करार दिया है. हालांकि, इस उत्साह के बीच छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया है कि यह उनका अंतिम पड़ाव नहीं है और

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Published On :

अगस्त 18, 2026

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 रांची
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा जेएसएससी सीजीएल और टीडीपीएल एजेंसी द्वारा आयोजित सभी भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा के बाद आंदोलनकारी छात्रों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई है. लंबे समय से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में डटे अभ्यर्थियों ने भारी बारिश के बीच एक-दूसरे को गले लगाकर और मिठाइयां बांटकर इस निर्णय का स्वागत किया. छात्र आंदोलनकारियों ने इस फैसले को युवाओं के लंबे संघर्ष, एकजुटता और निष्पक्षता की लड़ाई की पहली बड़ी जीत करार दिया है. हालांकि, इस उत्साह के बीच छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया है कि यह उनका अंतिम पड़ाव नहीं है और न ही वे आंदोलन समाप्त करने वाले हैं.

छात्र नेता रवींद्र पासवान बोले- सीबीआई जांच तक जारी रहेगा अनशन
घोषणा के बाद छात्र नेता रवींद्र पासवान ने आंदोलन को समर्थन देने वाले सभी साथियों, छात्रों और मीडिया का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि परीक्षा रद्द करने की प्राथमिक मांग तो मान ली गई है, लेकिन आंदोलन तब तक पूरी तरह समाप्त नहीं होगा जब तक कि धांधली की निष्पक्ष सीबीआई (CBI) जांच की मांग पूरी नहीं हो जाती. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जब तक सीबीआई जांच का आदेश जारी नहीं होता, तब तक छात्र धरना स्थल से पीछे हटने वाले नहीं हैं.

पीयूष कुमार ने कहा- संघर्ष का यह केवल पहला चरण
छात्र नेता पीयूष कुमार ने भी सरकार के इस कदम को पहली जीत बताया. उन्होंने कहा कि यह महज पहली जीत का जश्न है और '11 से 13' से जुड़े संवेदनशील मुद्दे पर उनकी मांगें अभी भी जस के तस कायम हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे सभी छात्र इस पूरे घटनाक्रम और भविष्य की रणनीति का विश्लेषण करेंगे. उनका कहना था कि जब तक भर्ती प्रणाली के सभी विवादित फैसलों को पलटा नहीं जाता और तमाम मांगें स्वीकार नहीं की जातीं, तब तक उनका संघर्ष निरंतर जारी रहेगा.

देवेंद्र नाथ महतो ने कहा- व्यापक सुधार के लिए लंबी लड़ाई बाकी
अनशन की अगुवाई कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि सिस्टम में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार के खिलाफ उठाई गई आवाज को सरकार ने स्वीकार किया है. उन्होंने कहा कि अपनी मांगों के लिए छात्रों ने अपनी जान तक जोखिम में डाली थी और इस दिशा में ध्यान देने के लिए वे सरकार, पुलिस-प्रशासन, मीडिया और अभिभावकों का आभार व्यक्त करते हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि केवल परीक्षा रद्द होने से वे पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं क्योंकि पूरी शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और व्यापक सुधार लाने के लिए अभी एक लंबी कानूनी व रणनीतिक लड़ाई बाकी है, जिसकी आगे की योजना जल्द साझा की जाएगी.

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