वैश्विक मंच पर ईरान पर वार: नेतन्याहू बोले– दुनिया की सुरक्षा को बड़ा खतरा, दिखाए प्रमाण

ईरान इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को दुनियाभर के नेताओं से अपील की कि वे ईरान के खिलाफ इजरायल और अमेरिका के युद्ध प्रयासों में शामिल हों। उन्होंने इजरायली क्षेत्र पर हाल ही में हुए हमलों का हवाला देते हुए कहा कि ये हमले एक बढ़ते वैश्विक खतरे का सबूत हैं। इजरायल के अराद में ईरान द्वारा किए गए एक मिसाइल हमले की जगह पर बोलते हुए, नेतन्याहू ने कहा कि पिछले 48 घंटों के घटनाक्रम यह दिखाते हैं कि ईरान न केवल इजरायल के लिए, बल्कि पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए भी खतरा पैदा कर रहा है। इजरायली

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Published On :

मार्च 22, 2026

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ईरान
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को दुनियाभर के नेताओं से अपील की कि वे ईरान के खिलाफ इजरायल और अमेरिका के युद्ध प्रयासों में शामिल हों। उन्होंने इजरायली क्षेत्र पर हाल ही में हुए हमलों का हवाला देते हुए कहा कि ये हमले एक बढ़ते वैश्विक खतरे का सबूत हैं। इजरायल के अराद में ईरान द्वारा किए गए एक मिसाइल हमले की जगह पर बोलते हुए, नेतन्याहू ने कहा कि पिछले 48 घंटों के घटनाक्रम यह दिखाते हैं कि ईरान न केवल इजरायल के लिए, बल्कि पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए भी खतरा पैदा कर रहा है।

इजरायली प्रधानमंत्री ने कहा कि ईरान ने यरुशलम में नागरिक इलाकों और प्रमुख धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया है, जिनमें वेस्टर्न वॉल, चर्च ऑफ द होली सेपल्चर और अल-अक्सा मस्जिद शामिल हैं। नेतन्याहू ने कहा, "अगर आपको इस बात का सबूत चाहिए कि ईरान पूरी दुनिया के लिए खतरा है, तो पिछले 48 घंटों ने वह सबूत दे दिया है। पिछले 48 घंटों में, ईरान ने एक नागरिक इलाके को निशाना बनाया। वे ऐसा सामूहिक हत्या के हथियार के तौर पर कर रहे हैं। खुशकिस्मती से, कोई मारा नहीं गया, लेकिन ऐसा किस्मत की वजह से हुआ, न कि उनके इरादे की वजह से। उनका इरादा नागरिकों की हत्या करना है।"

उन्होंने आगे कहा, "दूसरी बात, उन्होंने यरुशलम पर हमला किया, जो तीन एकेश्वरवादी धर्मों के पवित्र स्थलों- वेस्टर्न वॉल, चर्च ऑफ़ द होली सेपल्चर और अल-अक्सा मस्जिद के ठीक बगल में स्थित है। और एक चमत्कार की बदौलत, एक बार फिर, उनमें से किसी को भी चोट नहीं आई, लेकिन वे तीन प्रमुख एकेश्वरवादी धर्मों के पवित्र स्थलों को निशाना बना रहे थे।'' उन्होंने आगे दावा किया कि ईरान ने लंबी दूरी तक मार करने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है, जिसमें काफी दूर तक मिसाइलें दागना और समुद्री व ऊर्जा गलियारों सहित रणनीतिक मार्गों को निशाना बनाना शामिल है।

उन्होंने आगे कहा, ''आपको और क्या सबूत चाहिए कि इस शासन को, जो पूरी दुनिया के लिए खतरा है, रोकना ही होगा। इजरायल और अमेरिका पूरी दुनिया के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। और अब समय आ गया है कि बाकी देशों के नेता भी इसमें शामिल हों। मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि मैं देख सकता हूं कि उनमें से कुछ लोग उस दिशा में आगे बढ़ना शुरू कर रहे हैं, लेकिन अभी और ज्यादा करने की जरूरत है।'' नेतान्याहू ने ईरान के खिलाफ व्यापक अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अपीलों का भी स्वागत किया, और इसे न केवल इजरायल और अमेरिका के लिए, बल्कि वैश्विक सुरक्षा के लिए भी जरूरी बताया।

 

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