मध्यप्रदेश में पेड़ों की कटाई पर सख्ती, हर प्रोजेक्ट में 80% पेड़ों का ट्रांसलोकेशन जरूरी; नई नीति लागू

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और बुनियादी ढांचे के विकास के बीच संतुलन बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने मंगलवार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच के समक्ष 'ट्री ट्रांसलोकेशन पॉलिसी-2026' का ड्राफ्ट पेश किया। इस नीति का मुख्य उद्देश्य विकास परियोजनाओं (जैसे रोड, मेट्रो, फ्लाईओवर) के नाम पर होने वाली अंधाधुंध पेड़ों की कटाई को रोकना और वयस्क पेड़ों को वैज्ञानिक तरीके से सुरक्षित दूसरी जगह शिफ्ट करने को प्राथमिकता देना है। '20-फॉर-1' का कड़ा और नया नियम इस प्रस्तावित नीति की सबसे बड़ी खासियत इसका '20-फॉर-1' वृक्षारोपण फॉर्मूला है। अगर

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Published On :

जून 19, 2026

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भोपाल
मध्य प्रदेश सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और बुनियादी ढांचे के विकास के बीच संतुलन बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने मंगलवार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच के समक्ष 'ट्री ट्रांसलोकेशन पॉलिसी-2026' का ड्राफ्ट पेश किया। इस नीति का मुख्य उद्देश्य विकास परियोजनाओं (जैसे रोड, मेट्रो, फ्लाईओवर) के नाम पर होने वाली अंधाधुंध पेड़ों की कटाई को रोकना और वयस्क पेड़ों को वैज्ञानिक तरीके से सुरक्षित दूसरी जगह शिफ्ट करने को प्राथमिकता देना है।

'20-फॉर-1' का कड़ा और नया नियम
इस प्रस्तावित नीति की सबसे बड़ी खासियत इसका '20-फॉर-1' वृक्षारोपण फॉर्मूला है। अगर किसी बेहद अपरिहार्य स्थिति में एक पेड़ को काटना पड़ता है, तो संबंधित निर्माण एजेंसी को उसके बदले 20 नए पौधे लगाने होंगे। नियमों के मुताबिक, इनमें से 10 पौधे सीधे तौर पर कटे हुए पेड़ के मुआवजे के रूप में होंगे, जबकि शेष 10 पौधे इसलिए लगाए जाएंगे ताकि ट्रांसप्लांटेशन के दौरान जिन वयस्क पेड़ों की जान नहीं बच पाती, उनके नुकसान की भरपाई की जा सके।

ग्वालियर के थाटीपुर मामले से लिया सबक
दरअसल, यह पूरी कवायद ग्वालियर के थटीपुर पुनर्विकास योजना के दौरान सामने आई लापरवाही के बाद शुरू हुई है। वहां बड़ी संख्या में शिफ्ट किए गए पेड़ देखरेख के अभाव में मर गए थे, जिस पर हाई कोर्ट ने कड़ा संज्ञान लेते हुए सरकार से एक व्यापक नीति मांगी थी। अब नए नियमों के तहत प्रोजेक्ट डिजाइन में बदलाव करके पहले पेड़ बचाने की कोशिश करनी होगी। पेड़ काटना केवल अंतिम विकल्प होगा।

ऑनलाइन डैशबोर्ड से जनता करेगी निगरानी
भ्रष्टाचार और कागजी दावों को रोकने के लिए सरकार ने इस बार तकनीक का सहारा लिया है। नीति के अनुसार, सभी ट्रांसप्लांट किए गए पेड़ों और नए रोपे गए पौधों की अनिवार्य रूप से जियो-टैगिंग की जाएगी। इसके लिए एक सार्वजनिक ऑनलाइन डैशबोर्ड बनाया जाएगा। इस डैशबोर्ड पर पेड़ों की सटीक लोकेशन, उनकी तस्वीरें और रखरखाव का पूरा रिकॉर्ड रीयल-टाइम में अपडेट होगा, जिससे आम नागरिक भी इसकी सीधे निगरानी कर सकेंगे।

 

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