Strait of Hormuz: होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की दादागिरी, जहाजों से मांगे 18 करोड़, ट्रंप ने दी ‘विनाशकारी’ युद्ध की धमकी

होर्मुज जलडमरूमध्य अब युद्ध के मुहाने पर है। ईरान ने गुजरने वाले जहाजों से 18.8 करोड़ रुपये की अवैध वसूली शुरू कर दी है, जिसे 'युद्ध टैक्स' कहा जा रहा है। जवाब में राष्ट्रपति ट्रंप ने 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए ईरान के पावर प्लांट्स को 'मिटा देने' की धमकी दी है।

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मार्च 23, 2026

Strait of Hormuz: मध्य पूर्व में जारी सैन्य संघर्ष अब एक खतरनाक आर्थिक युद्ध की ओर मुड़ गया है। वैश्विक तेल आपूर्ति के सबसे महत्वपूर्ण मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अपनी पकड़ मजबूत करते हुए ईरान ने एक चौंकाने वाला फैसला लिया है। ईरान ने इस रास्ते से गुजरने वाले चुनिंदा जहाजों पर $2 मिलियन (लगभग 18.8 करोड़ रुपये) का भारी-भरकम टोल टैक्स वसूलने का आदेश जारी किया है। यह कदम न केवल अंतरराष्ट्रीय शिपिंग उद्योग के लिए एक बड़ा झटका है, बल्कि यह वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को भी सीधे तौर पर चुनौती दे रहा है। ईरान का यह फैसला स्पष्ट करता है कि वह इस समुद्री मार्ग पर अपना पूर्ण संप्रभु अधिकार दिखाना चाहता है।

ईरानी सांसद का कड़ा रुख: ‘यह हमारी शक्ति का प्रतीक’

ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के वरिष्ठ सदस्य अलाएद्दीन बोरूजेर्दी ने इस नए टैक्स की पुष्टि करते हुए इसे आधिकारिक रूप से लागू करने की घोषणा की है। बोरूजेर्दी के अनुसार, दशकों बाद ईरान ने इस जलसंधि पर अपने वास्तविक अधिकारों का प्रयोग करना शुरू किया है। उन्होंने तर्क दिया कि मौजूदा युद्ध की बढ़ती लागतों और क्षेत्रीय अस्थिरता के कारण यह ‘ट्रांजिट फीस’ लेना अनिवार्य हो गया है। ईरानी अधिकारियों का मानना है कि जहाजों से इतनी बड़ी राशि वसूलना इस्लामिक रिपब्लिक की सैन्य और रणनीतिक शक्ति का प्रदर्शन है, जिससे वह अपने आर्थिक नुकसान की भरपाई करना चाहता है।

डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी और पावर प्लांट्स पर हमले का खतरा

ईरान की इस सख्त घेराबंदी पर अमेरिका ने भी कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले हफ्ते एक बेहद आक्रामक बयान जारी करते हुए ईरान को अल्टीमेटम दिया था। ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने 48 घंटे के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को निर्बाध आवाजाही के लिए पूरी तरह नहीं खोला, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स पर भीषण हमला शुरू कर देगा। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई ईरान के सबसे बड़े बिजली संयंत्रों को निशाना बनाकर शुरू की जाएगी, जिससे पूरे ईरान में ब्लैकआउट की स्थिति पैदा हो सकती है।

इजरायल के ऊर्जा केंद्रों पर ईरान की जवाबी धमकी

ट्रंप की धमकियों का जवाब देते हुए ईरानी सांसद बोरूजेर्दी ने जवाबी हमले की बात कही है। उन्होंने कहा कि ईरान अमेरिकी दबाव में झुकने वाला नहीं है। बोरूजेर्दी ने चेतावनी दी कि यदि ईरान के बुनियादी ढांचों पर आंच आती है, तो इजरायल के तमाम ऊर्जा केंद्र भी ईरान की मिसाइलों की जद में हैं। ईरानी नेतृत्व का दावा है कि उनके पास ऐसी क्षमता है कि वे एक ही दिन के भीतर इजरायल के ऊर्जा ग्रिड को पूरी तरह नष्ट कर सकते हैं। इस बयानबाजी ने पूरे क्षेत्र में एक ‘टोटल वॉर’ (पूर्ण युद्ध) की आशंका को प्रबल कर दिया है।

वैश्विक तेल बाजार और भारत पर संभावित असर

होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल और भारी मात्रा में एलपीजी गुजरती है। ईरान द्वारा टोल टैक्स लगाने और अमेरिका की युद्ध की धमकी के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आने की संभावना है। भारत जैसे देश, जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए खाड़ी देशों पर निर्भर हैं, उनके लिए यह स्थिति दोहरी मार साबित हो सकती है। एक तरफ जहां शिपिंग लागत बढ़ने से ईंधन महंगा होगा, वहीं दूसरी ओर सप्लाई बाधित होने से घरेलू स्तर पर किल्लत पैदा हो सकती है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें ईरान और अमेरिका के अगले कदम पर टिकी हैं।