Strait of Hormuz: पश्चिम ऐशिया में ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी भीषण सैन्य संघर्ष के बीच भारच के लिए एक राहत भरी खबर आई है। सामरिक और कूटनीतिक मोर्चे पर भारत को उस समय बड़ी सफलता मिली, जब ईरान ने होर्मूज जलडमरूमध्य(Strait of Hormuz) में फंसे दो और भारतीय एलपीजी टैंकरों, ‘जग वसंत’ और ‘पाइन गैस’, को सुरक्षित निकलने की अनुमति दे दी।
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ईरान की IRGC से मिली हरी झंडी
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने इन भारतीय जहाजों को मार्ग देने पर सहमति जताई है। जानकारी के अनुसार सफलता रातों-रात नहीं मिली, बल्कि इसके पीछे भारत की निरंतर सक्रिय बैकचैनल डिप्लोमेसी’ (परोक्ष कूटनीति) का बड़ा हाथ है। युद्ध के इस तनावपूर्ण माहौल में जहाँ वैश्विक आपूर्ति शृंखला ठप है, वहां भारतीय जहाजों को प्राथमिकता मिलना भारत के वैश्विक प्रभाव को दर्शाता है।
अब तक पांच जहाज सुरक्षित

आपको बता दें कि, ‘जग वसंत’ और ‘पाइन गैस’ से पहले भी भारत ने अपनी कूटनीतिक कुशलता से तीन अन्य जहाजों को सुरक्षित निकाला है। इसमें दो एलपीजी टैंकर— शिवालिक और नंदा देवी—तथा एक कच्चा तेल टैंकर जग लाडकी शामिल हैं। गौर करने वाली बात यह है कि ईरान ने चुनिंदा देशों के व्यापारिक जहाजों को ही इस क्षेत्र से गुजरने की अनुमति दी है, जिसमें भारत सूची में सबसे ऊपर है।
नेतृत्व संकट के बावजूद सफल रही बातचीत
बताते चलें कि, नौसेना अधिकारियों के अनुसार, यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस समय ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) अपने आंतरिक नेतृत्व संकट और अनिश्चितताओं से जूझ रहा है। ऐसी स्थिति में निर्णय लेने की प्रक्रिया काफी जटिल और धीमी हो गई है, फिर भी भारत सरकार और विदेश मंत्रालय के निरंतर प्रयासों ने भारतीय हितों की रक्षा सुनिश्चित की है।
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शारजाह के पास फंसे थे भारतीय टैंकर
वहीं दूसरी तरफ शिप-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, ‘जग वसंत’ और ‘पाइन गैस’ संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के शारजाह बंदरगाह के पास अटके हुए थे। ज्ञात हो कि:
- दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल और एलपीजी इसी होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है।
- युद्ध की स्थिति के कारण वर्तमान में फारस की खाड़ी से ओमान की खाड़ी तक सैकड़ों विदेशी जहाज फंसे हुए हैं।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं इस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और भारतीय चालक दल व जहाजों की सुरक्षा के लिए वैश्विक नेताओं के साथ लगातार संवाद कर रहे हैं।
भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत
आज 23 मार्च, 2026 को युद्ध के 24वें दिन में प्रवेश करने के साथ ही, होर्मुज स्ट्रेट में अभी भी लगभग 22 भारतीय जहाज फंसे होने की सूचना है। दो और जहाजों को मिली यह अनुमति अन्य फंसे हुए जहाजों के लिए उम्मीद की किरण लेकर आई है। भारत सरकार को पूर्ण विश्वास है कि आने वाले दिनों में कूटनीतिक रास्तों के जरिए शेष जहाजों को भी सुरक्षित स्वदेश वापस लाया जा सकेगा।
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