Stock Market Today: भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को लगातार तीन सत्रों की तेजी के बाद गिरावट के साथ बंद हुए। घरेलू निवेशकों और वैश्विक संकेतों के मिश्रित असर ने बाजार में बेचैनी बढ़ा दी। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 503.76 अंक यानी 0.60 प्रतिशत टूटकर 83,313.93 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स एक समय 666 अंक तक नीचे गया। वहीं, एनएसई का प्रमुख सूचकांक निफ्टी 133.20 अंक यानी 0.52 प्रतिशत गिरकर 25,642.80 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट के प्रमुख कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के सत्रों में भारत–अमेरिका व्यापार समझौते के सकारात्मक संकेतों के चलते बाजार में तेज उछाल आया था। लेकिन अब मुनाफावसूली हावी हो गई है। इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर प्रौद्योगिकी शेयरों में बिकवाली और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों को सतर्क कर दिया।
सेंसेक्स की कंपनियों में इटर्नल, भारती एयरटेल, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटीसी, इन्फोसिस, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक और एशियन पेंट्स के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट देखने को मिली। दूसरी ओर, ट्रेंट, टाटा स्टील, भारतीय स्टेट बैंक और बजाज फाइनेंस के शेयरों में मजबूती रही।
एशियाई बाजारों का प्रभाव
एशियाई बाजारों में भी कमजोरी का रुख रहा। दक्षिण कोरिया का कॉस्पी करीब चार प्रतिशत टूट गया, जापान का निक्की और चीन का शंघाई कम्पोजिट नुकसान में बंद हुए। वहीं, हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुआ। इन संकेतों ने भारतीय बाजार पर दबाव डाला।
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निवेशकों का व्यवहार
बाजार आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 29.79 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 249.54 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। इसका मतलब है कि घरेलू संस्थाएं बाजार में निवेश को मजबूत बनाए रख रही हैं, लेकिन वैश्विक जोखिमों के कारण निवेशक सतर्क हैं।
कमोडिटी मार्केट का हाल

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (ब्रेंट क्रूड) की कीमत में 1.32 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, और यह 68.54 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। यह भी बाजार पर दबाव बनाने वाले कारणों में से एक था।
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कल के बाजार की संभावित चाल
विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि वैश्विक संकेत सकारात्मक रहते हैं और अमेरिकी-ब्रेंट क्रूड की कीमत स्थिर रहती है, तो कल बाजार में हल्की रिकवरी देखने को मिल सकती है। हालांकि, निवेशकों को वैश्विक तनाव और मुनाफावसूली के असर के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।










