Stock Market Today : शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरावट, सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में खुले, जानें कारण

भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे कारोबारी दिन कमजोरी देखने को मिली। बुधवार को सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में खुले और शुरुआती कारोबार में गिरावट और बढ़ी। मध्य-पूर्व तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और कमजोर वैश्विक संकेतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। लेकिन बड़ा सवाल है—क्या बिकवाली आगे भी जारी रहेगी?

Stock Market Today

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 9, 2026

Stock Market Today : भारतीय शेयर बाजार में जारी बिकवाली का दबाव बुधवार को भी देखने को मिला। सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन घरेलू बाजार ने लगातार तीसरे सत्र में गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक स्तर पर बनी अनिश्चितता ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। बाजार खुलते ही बिकवाली तेज होने के कारण प्रमुख सूचकांक दबाव में आ गए और शुरुआती कारोबार में निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ा।

सेंसेक्स 361 अंक से अधिक टूटा

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स बुधवार को 361.36 अंक यानी 0.48 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75,216.22 के स्तर पर खुला। लगातार दूसरे दिन की कमजोर स्थिति का असर बाजार की शुरुआत पर साफ दिखाई दिया। निवेशकों की सतर्कता और कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच सेंसेक्स में शुरुआती कारोबार से ही दबाव बना रहा।

Stock Market
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निफ्टी ने भी नुकसान के साथ की शुरुआत

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी बुधवार को कमजोरी के साथ खुला। निफ्टी 113.05 अंक यानी 0.48 प्रतिशत फिसलकर 23,522.05 के स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले मंगलवार को भी बाजार में व्यापक बिकवाली देखने को मिली थी। लगातार गिरावट के कारण निवेशकों के बीच बाजार की मौजूदा दिशा को लेकर चिंता बढ़ती नजर आई।

ज्यादातर सेंसेक्स शेयर लाल निशान में

शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से सिर्फ 10 शेयर बढ़त के साथ खुले, जबकि 20 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी 50 में भी तस्वीर कमजोर रही। इसके 50 शेयरों में केवल 22 कंपनियों ने हरे निशान में कारोबार शुरू किया, जबकि 28 शेयर नुकसान के साथ खुले। इससे बाजार में बिकवाली की व्यापक स्थिति का संकेत मिला।

आईटी सेक्टर
आईटी सेक्टर

आईटी सेक्टर पर सबसे ज्यादा दबाव

बुधवार के शुरुआती कारोबार में सूचना प्रौद्योगिकी यानी आईटी कंपनियों के शेयर सबसे ज्यादा दबाव में दिखाई दिए। सेंसेक्स में शामिल प्रमुख आईटी कंपनी इन्फोसिस के शेयर 3.60 प्रतिशत की तेज गिरावट के साथ खुले। वहीं एचसीएल टेक्नोलॉजीज में 3.59 प्रतिशत, टेक महिंद्रा में 3.07 प्रतिशत और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी टीसीएस में 1.89 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। आईटी शेयरों में व्यापक बिकवाली ने बाजार की कमजोरी को और बढ़ाया।

भारती एयरटेल
भारती एयरटेल

दिग्गज कंपनियों के शेयर भी दबाव में

आईटी कंपनियों के अलावा कई बड़ी कंपनियों के शेयर भी लाल निशान में खुले। भारती एयरटेल में 1.23 प्रतिशत, रिलायंस इंडस्ट्रीज में 1.12 प्रतिशत और इंडिगो में 1.08 प्रतिशत की गिरावट रही। एचडीएफसी बैंक 0.76 प्रतिशत, एसबीआई 0.69 प्रतिशत और अल्ट्राटेक सीमेंट 0.69 प्रतिशत नीचे खुले। महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस और बजाज फिनसर्व में भी क्रमशः 0.57 प्रतिशत, 0.55 प्रतिशत और 0.46 प्रतिशत की कमजोरी रही।

बैंकिंग और अन्य शेयरों में भी कमजोरी

शुरुआती कारोबार में एक्सिस बैंक 0.40 प्रतिशत, हिंदुस्तान यूनिलीवर 0.38 प्रतिशत और आईसीआईसीआई बैंक 0.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ खुले। एशियन पेंट्स और पावर ग्रिड में 0.23 प्रतिशत की कमजोरी रही, जबकि टाटा स्टील 0.22 प्रतिशत और मारुति सुजुकी 0.19 प्रतिशत नीचे रही। बाजार की व्यापक कमजोरी ने कई प्रमुख क्षेत्रों के शेयरों को प्रभावित किया।

कुछ चुनिंदा शेयरों में रही हल्की तेजी

बाजार में गिरावट के बावजूद कुछ कंपनियों के शेयरों ने बढ़त के साथ शुरुआत की। कोटक महिंद्रा बैंक 0.65 प्रतिशत और ट्रेंट 0.53 प्रतिशत ऊपर खुले। बीईएल में 0.48 प्रतिशत, अडाणी पोर्ट्स में 0.45 प्रतिशत और एनटीपीसी में 0.39 प्रतिशत की तेजी रही। एटरनल 0.33 प्रतिशत, टाइटन 0.25 प्रतिशत और आईटीसी 0.21 प्रतिशत बढ़त के साथ खुले। एलएंडटी में भी 0.06 प्रतिशत की मामूली तेजी दर्ज की गई।

पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव
पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव

भू-राजनीतिक तनाव से बढ़ी बाजार की चिंता

विशेषज्ञों के मुताबिक पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता निवेशकों के लिए चिंता का प्रमुख कारण बनी हुई है। ऐसे माहौल में बाजार में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति बढ़ सकती है। बुधवार की कमजोर शुरुआत इसी सतर्कता और बिकवाली के दबाव को दर्शाती है। आने वाले कारोबारी सत्रों में वैश्विक घटनाक्रम और विदेशी संकेत बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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