Stock Market Today: Stock Market Today: वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेतों के दम पर भारतीय शेयर बाजार ने आज, यानी गुरुवार 14 मई को धमाकेदार शुरुआत की है। दलाल स्ट्रीट पर आज सुबह से ही बुल्स का दबदबा देखने को मिला, जिसके चलते प्रमुख सूचकांकों ने खुलते ही लंबी छलांग लगाई। अमेरिकी शेयर बाजारों में आई रिकॉर्ड तेजी और एशियाई बाजारों में चौतरफा खरीदारी का सीधा असर घरेलू निवेशकों के सेंटिमेंट पर पड़ा है। शुरुआती मिनटों में ही सेंसेक्स ने 400 अंकों से अधिक की बढ़त हासिल कर ली, जिससे निवेशकों के चेहरे खिल गए हैं।
सेंसेक्स और निफ्टी के आंकड़े: मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर कारोबार
बाजार खुलने के कुछ ही समय बाद, सुबह 9:25 बजे तक बीएसई (BSE) सेंसेक्स 440.43 अंक (0.59%) की मजबूती के साथ 75,049.41 के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी पीछे नहीं रहा। निफ्टी सुबह 9:24 बजे तक 156.40 अंक (0.67%) उछलकर 23,569.00 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया। बाजार का यह रुख दर्शाता है कि निवेशकों ने निचले स्तरों पर जमकर खरीदारी की है, जिससे निफ्टी अब 23,600 की ओर कदम बढ़ा रहा है।
सेक्टोरल अपडेट: आईटी में सुस्ती, मेटल और फार्मा ने भरी उड़ान
आज के कारोबार में सेक्टोरल इंडेक्स की स्थिति मिली-जुली रही, हालांकि अधिकांश सेक्टर हरे निशान में रहे। Nifty Pharma और Nifty Metal शेयरों में सबसे ज्यादा चमक देखने को मिली। दूसरी ओर, Nifty IT आज दबाव में नजर आया और इसमें करीब 1.04% की गिरावट दर्ज की गई। आईटी को छोड़कर ऑटो, एफएमसीजी (FMCG), कंजम्प्शन, मीडिया, फाइनेंशियल सर्विसेज और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में 0.3% से 0.61% तक की बढ़त देखी जा रही है। बाजार की इस चौतरफा तेजी ने पिछले चार दिनों से जारी अनिश्चितता को काफी हद तक कम कर दिया है।
बीजिंग में ट्रंप-शी मुलाकात: निवेशकों की टिकी हैं निगाहें
भारतीय बाजार में आई इस तेजी के पीछे वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों का भी बड़ा हाथ है। निवेशकों की पैनी नजर इस समय बीजिंग में हो रही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की हाई-प्रोफाइल बैठक पर टिकी है। दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच होने वाली यह चर्चा व्यापार युद्ध और तकनीकी प्रतिबंधों के भविष्य को तय करेगी। यदि इस बैठक से सकारात्मक परिणाम निकलते हैं, तो आने वाले दिनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) का प्रवाह भारतीय बाजारों में बढ़ सकता है।
कच्चे तेल की कीमतें और ईरान युद्ध का साया
बाजार में हरियाली के बावजूद कुछ वैश्विक चिंताएं अभी भी बरकरार हैं। मध्य पूर्व में ईरान युद्ध के चलते आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने का डर बना हुआ है, जिसने कच्चे तेल की कीमतों को ऊंचे स्तर पर टिका रखा है। ब्रेंट क्रूड पिछले सत्र में मामूली गिरावट के बाद भी 106 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है, जबकि अमेरिकी क्रूड (WTI) 101 डॉलर प्रति बैरल के करीब है। कच्चे तेल का 100 डॉलर के ऊपर बने रहना भारत जैसे आयात प्रधान देश के लिए महंगाई और रुपये की कमजोरी के लिहाज से चिंता का विषय है।
निवेशकों के लिए आगे की राह: सावधानी के साथ बढ़ें कदम
हालांकि आज बाजार में जबरदस्त तेजी है, लेकिन जानकारों का मानना है कि निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की लगातार बिकवाली और घरेलू रुपये की ऐतिहासिक कमजोरी बाजार के लिए ‘स्पीड ब्रेकर’ का काम कर सकती है। बुधवार को मामूली बढ़त के बाद आज की यह बड़ी उछाल तकनीकी रूप से ‘ब्रेकआउट’ का संकेत दे रही है, लेकिन इसकी स्थिरता काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक स्थिरता और क्रूड ऑयल के अगले कदम पर निर्भर करेगी। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे लार्ज-कैप शेयरों और क्वालिटी मिड-कैप्स पर अपना ध्यान केंद्रित रखें।










