पंजाब में झोटा हत्याकांड को लेकर फिर बढ़ी हलचल, पोस्टमॉर्टम पर फैसला अटका; आज आगे की रणनीति तय होगी

मानसा मानसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के 14 दिन बाद भी उनके अंतिम संस्कार को लेकर फैसला नहीं हो सका है। परिवार और एक्शन कमेटी मुख्यमंत्री और डीजीपी के इस्तीफे की मांग पर अड़े हैं। परिवार ने साफ कर दिया है कि दोनों प्रमुख मांगें पूरी होने तक अंतिम संस्कार नहीं। वहीं, एक्शन कमेटी ने प्रदर्शन की अगली रणनीति तय करने के लिए आज सुबह झोटा के परिवार के साथ बैठक करने का फैसला किया है। वहीं, दूसरी तरफ सरकार की ओर से गठित कमेटी के साथ कोई बैठक तय नहीं हुई है, लेकिन माना जा रहा

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Published On :

अक्टूबर 26, 2026

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मानसा
मानसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के 14 दिन बाद भी उनके अंतिम संस्कार को लेकर फैसला नहीं हो सका है। परिवार और एक्शन कमेटी मुख्यमंत्री और डीजीपी के इस्तीफे की मांग पर अड़े हैं। परिवार ने साफ कर दिया है कि दोनों प्रमुख मांगें पूरी होने तक अंतिम संस्कार नहीं। वहीं, एक्शन कमेटी ने प्रदर्शन की अगली रणनीति तय करने के लिए आज सुबह झोटा के परिवार के साथ बैठक करने का फैसला किया है।

वहीं, दूसरी तरफ सरकार की ओर से गठित कमेटी के साथ कोई बैठक तय नहीं हुई है, लेकिन माना जा रहा है कि अगर प्रशासन बैठक करता है, तो अन्य मांगों के साथ-साथ झोटा को शहीद का दर्जा दिलाने की मांग उठाई जाएगी। इससे पहले शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी झोटा को सिख कौम का शहीद का दर्जा देने का ऐलान कर चुकी है।उनकी फोटो अमृतसर के अजायबघर में लगाने का फैसला किया है। उधर, प्रशासन का दावा है कि संघर्ष कमेटी की 14 में से 11 मांगें मान ली गई हैं।

उधर, पंजाब के सभी होलसेलर और रिटेलर केमिस्टों ने तीन तरह की दवाओं की बिक्री बंद करने का ऐलान किया है। इनमें ट्रामाडोल, प्रेगाबालिन और सभी तरह की साइकोट्रोपिक व नारकोटिक दवाएं शामिल हैं।

झोटा के इंसाफ की लड़ाई नशे के खिलाफ साझा संघर्ष बने झोटा की पत्नी मनप्रीत कौर ने कहा कि संघर्ष को केवल झोटा के मामले में दोषियों को सजा दिलाने तक सीमित नहीं रखना चाहिए। इसे पंजाब में नशे के बढ़ते प्रचलन के खिलाफ साझा लड़ाई बनाना होगा, ताकि दूसरे परिवारों को उजड़ने से बचाया जा सके।

उन्होंने कहा कि उनके परिवार ने अपने प्रियजन को खोने का जो दुख झेला है, वह किसी और परिवार को न झेलना पड़े। किसी बच्चे के सिर से पिता का साया न उठे और किसी दूसरे घर के सपने नशे की भेंट न चढ़ें। युवाओं की मौतों और परिवारों की तबाही के मुद्दे पर सरकार को जवाबदेह बनाने के लिए लोगों का एकजुट होना जरूरी है।

किसानों, मजदूरों और युवाओं से एकजुट होने की अपील मनप्रीत कौर ने किसानों, मजदूरों, युवाओं और संगठनों से साझा मंच पर आने की अपील की। उन्होंने कहा कि झोटा ने नशे के खिलाफ जो लड़ाई शुरू की थी, उसे आगे बढ़ाना और दूसरे परिवारों को उजड़ने से बचाने के लिए संघर्ष करना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

झोटा के परिवार से मिलने पहुंचे सुखबीर बादल शिरोमणि अकाली दल के प्रधान व पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल रविवार देर शाम को परविंदर सिंह झोटा के मानसा स्थित घर पहुंचकर उनके परिवार से मुलाकात की और दुख साझा किया। उन्होंने झोटा के माता-पिता, पत्नी और दोनों छोटे बच्चों के हौसले को नमन करते हुए कहा कि परिवार अपने गहरे दुख के बावजूद इंसाफ की लड़ाई लड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि झोटा के परिवार और एक्शन कमेटी को भरोसा दिलाया गया है कि शिरोमणि अकाली दल की ओर से और व्यक्तिगत तौर पर भी वे हर समय इंसाफ के इस संघर्ष में उनके साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब की जवानी को नशे से बचाने के लिए भाई झोटा के संघर्ष को हमेशा याद रखा जाएगा।

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