Stephen Fleming Resigns : 18 साल बाद CSK से अलग हुए स्टीफन फ्लेमिंग, जानिए पीछे क्या है पूरी कहानी

चेन्नई सुपर किंग्स और स्टीफन फ्लेमिंग का 18 साल पुराना सफल साथ खत्म हो गया है। दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला लिया। पांच IPL और दो चैंपियंस लीग टी20 खिताब दिलाने वाले फ्लेमिंग के इस फैसले के पीछे क्या वजह रही और अब CSK की अगली रणनीति क्या होगी, जानिए पूरी कहानी।

Stephen Fleming Resigns

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 13, 2026

Stephen Fleming Resigns :  इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के इतिहास की सबसे प्रतिष्ठित और सफल साझेदारियों में से एक का अंत हो गया है। पांच बार की चैंपियन फ्रेंचाइजी चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और उनके मुख्य कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने आपसी सहमति से अपने रास्ते अलग करने का निर्णय लिया है। यह फैसला किसी अचानक हुई घटना का परिणाम नहीं, बल्कि टीम प्रबंधन और फ्लेमिंग के बीच हुई कई दौर की गंभीर और पारदर्शी चर्चाओं के बाद लिया गया है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त करते हुए इस विदाई को एक सकारात्मक मोड़ बताया है। यह निर्णय फ्रेंचाइजी क्रिकेट के उस स्वर्णिम अध्याय का समापन है, जिसने पिछले डेढ़ दशक से अधिक समय से भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों को रोमांचित किया है।

विदाई पर भावुक हुए फ्लेमिंग: 18 साल की यादें और गौरव

चेन्नई सुपर किंग्स की विरासत को अलविदा कहते हुए स्टीफन फ्लेमिंग बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने अपने आधिकारिक बयान में कहा, “खेल की दुनिया में 18 साल का समय एक पूरी उम्र के समान है। मैं यहां से केवल कृतज्ञता और सम्मान के साथ विदा ले रहा हूं।” फ्लेमिंग ने आगे कहा कि CSK के साथ बिताया गया हर क्षण उनके कोचिंग करियर का सबसे गौरवशाली और यादगार अनुभव रहा है। उन्होंने उन तमाम उतार-चढ़ाव भरे पलों को याद किया जिन्हें टीम ने मिलकर साझा किया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि भले ही वे अब कोच की भूमिका में न हों, लेकिन एक प्रशंसक के रूप में चेन्नई सुपर किंग्स हमेशा उनके दिल के करीब रहेगी और वे भविष्य में भी इस टीम का उत्साहवर्धन करते रहेंगे।

सफलता की इबारत: 2008 से 2026 तक का ऐतिहासिक सफर

साल 2008 में बतौर खिलाड़ी चेन्नई सुपर किंग्स का दामन थामने वाले स्टीफन फ्लेमिंग ने 2009 में हेड कोच की कमान संभाली थी। इन 17 वर्षों में फ्लेमिंग ने CSK को न केवल एक टीम बनाया, बल्कि एक ‘कल्चर’ और एक ब्रांड के रूप में स्थापित किया। उनकी देखरेख में चेन्नई सुपर किंग्स ने रिकॉर्ड 5 IPL खिताब जीते और 2 बार चैंपियंस लीग T20 का भी ताज अपने नाम किया। टीम ने फ्लेमिंग के मार्गदर्शन में 12 बार प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की की और 10 बार फाइनल में पहुंचकर क्रिकेट की दुनिया में एक अपराजेय शक्ति की तरह पहचान बनाई।

प्रबंधन ने माना फ्लेमिंग का योगदान: एक विरासत के शिल्पकार

चेन्नई सुपर किंग्स की मालकिन रूपा गुरुनाथ ने फ्लेमिंग के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि वे दो दशकों से हमारी टीम की ‘आत्मा’ रहे हैं। उन्होंने फ्लेमिंग के विजन और लीडरशिप की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने फ्रेंचाइजी की पहचान को आकार दिया है। वहीं, मैनेजिंग डायरेक्टर केएस विश्वनाथन ने फ्लेमिंग को एक ऐसा लीडर बताया जिसने हमेशा टीम को स्वयं से ऊपर रखा। उन्होंने फ्लेमिंग की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके व्यक्तित्व का असर केवल मैदान तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने टीम में निरंतरता और विनम्रता का जो गुण भरा है, वह टीम की विरासत का हिस्सा हमेशा बना रहेगा। यह विदाई केवल एक कोच की विदाई नहीं है, बल्कि उस युग का अंत है जिसने IPL को एक नई परिभाषा दी थी।

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