Sri Lanka Prison Riot : श्रीलंका की नेगोम्बो जेल में हिंसक झड़प, 25 लोगों की मौत से मचा हड़कंप

श्रीलंका के नेगोम्बो स्थित जेल में दो गुटों के कैदियों के बीच शुरू हुई हिंसक झड़प ने देखते ही देखते भयावह रूप ले लिया। इस खूनी संघर्ष में कम से कम 25 लोगों की मौत और 100 से अधिक लोग घायल हो गए। आखिर हिंसा की शुरुआत कैसे हुई, प्रशासन ने हालात कैसे काबू किए और जांच में क्या सामने आया, जानिए पूरी रिपोर्ट।

Sri Lanka Prison Riot

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 7, 2026

Sri Lanka Prison Riot : श्रीलंका के पश्चिमी तटीय शहर नेगोम्बो स्थित जेल में पिछले दो दिनों से जारी कैदियों के बीच हिंसक झड़प ने एक भयावह रूप धारण कर लिया है। सोमवार को जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस जेल दंगे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है। मरने वालों में जेल के चार सुरक्षा गार्ड भी शामिल हैं। इस हिंसक संघर्ष में 100 से अधिक कैदी और सुरक्षाकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें से कई की हालत अत्यंत नाजुक बताई जा रही है। घायलों को तुरंत राजधानी कोलंबो के नेशनल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। जेल के भीतर की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बल कड़ी मशक्कत कर रहे हैं।

ओवरक्राउडिंग और हथियारों की लूट ने बिगाड़े हालात

रिपोर्टों के अनुसार, नेगोम्बो जेल अपनी क्षमता से अधिक कैदियों के बोझ तले दबी है। रविवार को दो विरोधी कैदी गुटों के बीच शुरू हुआ एक मामूली विवाद चंद घंटों में ही खूनी दंगे में बदल गया। स्थिति तब और अधिक विस्फोटक हो गई जब उग्र कैदियों ने जेल के शस्त्रागार (Armory) पर धावा बोलकर सुरक्षाकर्मियों की बंदूकें और अन्य घातक हथियार जबरन छीन लिए। हथियारों के हाथ में आते ही कैदियों ने सुरक्षाकर्मियों पर हमला करना शुरू कर दिया, जिससे जेल का माहौल युद्धक्षेत्र में तब्दील हो गया।

ड्रग सिंडिकेट और वर्चस्व की लड़ाई बनी हिंसा की जड़

प्रशासनिक जांच में इस भीषण हिंसा के पीछे का मुख्य कारण जेल के भीतर फल-फूल रहा ड्रग नेटवर्क सामने आया है। दरअसल, यह झड़प जेल के भीतर नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले एक शक्तिशाली गुट और इसके खिलाफ आवाज उठाने वाले दूसरे समूह के बीच वर्चस्व की लड़ाई का नतीजा है। जेल के भीतर चल रही अवैध ड्रग तस्करी और नेटवर्क के नियंत्रण को लेकर दोनों गुटों में काफी समय से तनाव चल रहा था, जो अंततः इस नरसंहार के रूप में फूट पड़ा।

स्पेशल टास्क फोर्स की तैनाती और कैदियों का स्थानांतरण

जेल के हालात को देखते हुए श्रीलंकाई सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को युद्धस्तर पर मजबूत किया है। जेल परिसर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और दंगा नियंत्रण इकाइयों की भारी तैनाती की गई है। कैदियों के बीच बने तनाव को कम करने और दंगाइयों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए सरकार ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। सोमवार को हिंसा के मुख्य सूत्रधार रहे तीन प्रमुख कैदियों को तत्काल प्रभाव से पल्लनसेना जेल शिविर में स्थानांतरित कर दिया गया है। वर्तमान में पूरी जेल एक छावनी में बदल चुकी है और प्रशासन ने दंगाइयों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं।

न्याय और सुरक्षा का चुनौतीपूर्ण भविष्य

नेगोम्बो जेल में हुआ यह हादसा श्रीलंका की जेल प्रणालियों में व्याप्त खामियों को उजागर करता है। ओवरक्राउडिंग और जेल के भीतर अपराधियों के नेटवर्क का बेलगाम होना सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। सरकार अब इस घटना की उच्च स्तरीय जांच करवा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल, अधिकारियों की प्राथमिकता जेल में शांति बहाल करना और घायल सुरक्षाकर्मियों व कैदियों का उपचार सुनिश्चित करना है।

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