Sri Lanka Jail Violence: श्रीलंका से एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक मुख्य जेल के भीतर कैदियों के दो गुटों के बीच जमकर खूनी संघर्ष हुआ। इस भीषण हिंसक झड़प में अब तक 4 सुरक्षाकर्मियों (जेल गार्ड्स) समेत कुल 25 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 100 से अधिक कैदी और सुरक्षाकर्मी गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। श्रीलंका के प्रशासनिक और सुरक्षा इतिहास में इसे पिछले पांच वर्षों का सबसे घातक और सबसे बड़ा जेल दंगा माना जा रहा है। यह पूरी वारदात राजधानी कोलंबो के उत्तरी क्षेत्र में स्थित नेगोम्बो शहर की मुख्य जेल के भीतर घटित हुई।
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ड्रग माफियाओं के बीच वर्चस्व की जंग
स्थानीय पुलिस और जेल प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे दंगे की मुख्य वजह जेल के भीतर बंद अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय ड्रग माफियाओं के दो विरोधी गुटों के बीच आपसी रंजिश थी। रविवार की देर रात दोनों गुटों के कैदियों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। रात भर चलता रहा यह विवाद सोमवार सुबह तक एक बड़े और अनियंत्रित दंगे के रूप में तब्दील हो गया। कैदियों ने जेल के भीतर ही धारदार हथियारों और उपलब्ध सुरक्षा उपकरणों को अपने कब्जे में लेकर एक-दूसरे पर जानलेवा हमला करना शुरू कर दिया, जिसे रोकने की कोशिश में सुरक्षाकर्मियों को भी अपनी जान गंवानी पड़ी।
अस्पताल में मची चीख-पुकार
घटना की सूचना मिलते ही जेल परिसर को सेना और अतिरिक्त पुलिस बल की मदद से छावनी में तब्दील कर दिया गया। स्थिति पर बमुश्किल काबू पाने के बाद, सभी घायलों को तुरंत नजदीकी नेगोम्बो सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। नेगोम्बो अस्पताल की निदेशक पुष्पा गमलाथ ने मीडिया को बताया कि अस्पताल परिसर में अब तक 23 शव लाए जा चुके हैं, जबकि दो अन्य ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसके अलावा, 100 से अधिक घायल कैदियों और गार्ड्स का आपातकालीन वार्ड में इलाज चल रहा है।
अस्पताल प्रशासन का बयान
अस्पताल निदेशक ने स्थिति की गंभीरता को स्पष्ट करते हुए बताया, “अस्पताल लाए गए घायलों में से कई लोगों के शरीर पर गोलियों के निशान हैं, जिससे साफ है कि जेल के भीतर फायरिंग भी हुई थी। इसके अलावा, दर्जनों कैदियों के शरीर पर धारदार हथियारों के गहरे घाव और लोहे की रॉड से किए गए हमलों के गंभीर निशान हैं। कई कैदियों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है, जिसके कारण मरने वालों का आंकड़ा और भी बढ़ सकता है।”
सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े हुए गंभीर सवाल
इस खूनी खेल ने श्रीलंका के जेल प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जेल की कड़ी सुरक्षा के बीच कैदियों के पास धारदार हथियार और बंदूकें आखिर कहाँ से पहुँचीं? देश के गृह मंत्रालय और जेल महानिदेशक ने इस पूरी घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। फिलहाल, नेगोम्बो जेल के भीतर और बाहर भारी संख्या में सैन्य बलों को तैनात कर दिया गया है ताकि दोबारा किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
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