SpiceJet Bangladesh ban: स्पाइसजेट पर बांग्लादेश की ‘एयर स्ट्राइक’, बंद किया अपना आसमान, बढ़ा हवाई सफर और धड़ाम हुए शेयर!

क्या स्पाइसजेट का अस्तित्व खतरे में है? 19 फरवरी को बांग्लादेश की तारिक रहमान सरकार ने बकाया नेविगेशन शुल्क न चुकाने पर एयरलाइन के लिए अपने दरवाजे बंद कर दिए। कोलकाता से असम जाने वाली उड़ानों को अब लंबा चक्कर काटना पड़ रहा है। निवेशकों में खौफ है और शेयर टूट रहे हैं।

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 19, 2026

SpiceJet Bangladesh ban: भारतीय विमानन क्षेत्र की प्रमुख बजट एयरलाइन ‘स्पाइसजेट’ एक बार फिर वित्तीय और परिचालन संबंधी संकटों के घेरे में है। ताजा घटनाक्रम में, बांग्लादेश की तारिक रहमान सरकार ने स्पाइसजेट को अपने एयरस्पेस (हवाई क्षेत्र) का उपयोग करने से रोक दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, यह सख्त कदम लंबे समय से लंबित नेविगेशन शुल्क और अन्य बकाये का भुगतान न करने के कारण उठाया गया है। बांग्लादेशी हवाई क्षेत्र के बंद होने से स्पाइसजेट के लिए पूर्वोत्तर भारत के राज्यों तक पहुंचना अब चुनौतीपूर्ण हो गया है, जिससे एयरलाइन के दैनिक परिचालन पर गंभीर असर पड़ने की संभावना है।

उड़ानों का रास्ता बदला: कोलकाता से गुवाहाटी और इम्फाल का सफर हुआ लंबा

बांग्लादेशी एयरस्पेस उपलब्ध न होने का सबसे बड़ा तकनीकी असर कोलकाता से पूर्वोत्तर राज्यों की ओर जाने वाली उड़ानों पर पड़ा है। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, कोलकाता से गुवाहाटी और इम्फाल जाने वाली स्पाइसजेट की उड़ानों को अब बांग्लादेश के ऊपर से गुजरने के बजाय वैकल्पिक और काफी लंबा मार्ग अपनाना पड़ रहा है। इस ‘चिकन नेक’ कॉरिडोर वाले लंबे रूट के कारण न केवल विमानों के उड़ान समय (Flying Time) में वृद्धि हुई है, बल्कि ईंधन की खपत और परिचालन लागत (Operational Cost) में भी भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है। हालांकि, यात्रियों के लिए राहत की बात यह है कि उड़ानें रद्द नहीं की गई हैं, लेकिन भविष्य में किराए में वृद्धि की आशंका बनी हुई है।

स्पाइसजेट के प्रवक्ता का आधिकारिक बयान: समाधान की दिशा में रचनात्मक प्रयास जारी

इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए स्पाइसजेट के प्रवक्ता ने गुरुवार (19 फरवरी) को स्थिति स्पष्ट की। प्रवक्ता ने कहा, “एयरलाइन संबंधित अधिकारियों के साथ नेविगेशन शुल्क सहित सभी संचालन और प्रक्रियागत मुद्दों पर नियमित संवाद बनाए हुए है।” एयरलाइन ने इस मुद्दे को विमानन उद्योग का एक ‘सामान्य प्रक्रियागत मामला’ बताते हुए कहा कि वे जल्द समाधान निकालने के लिए रचनात्मक तरीके से काम कर रहे हैं। कंपनी ने यह भी आश्वासन दिया कि उनकी सभी निर्धारित उड़ान सेवाएं वर्तमान नियमों और सुरक्षा मानकों के अनुसार जारी हैं और वे अंतरराष्ट्रीय प्राधिकरणों के साथ संपर्क में हैं।

बकाया राशि का रहस्य: भुगतान संकट और अनिश्चितता का माहौल

यद्यपि बांग्लादेश ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई बकाया राशि की वसूली के लिए की गई है, लेकिन वर्तमान में इस बकाया की सटीक राशि और यह कब से लंबित है, इसके बारे में कोई आधिकारिक विवरण साझा नहीं किया गया है। सूत्रों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए दिए जाने वाले नेविगेशन चार्ज और एयरपोर्ट लैंडिंग फीस का भुगतान न होना इस कूटनीतिक और व्यावसायिक तनाव की मुख्य वजह है। स्पाइसजेट फिलहाल अपनी वित्तीय स्थिति को संतुलित करने की कोशिश कर रही है, लेकिन पड़ोसी देश के इस कड़े रुख ने एयरलाइन की छवि और बैलेंस शीट दोनों पर दबाव बढ़ा दिया है।

बाजार में असर: स्पाइसजेट के शेयरों में गिरावट और तिमाही घाटे का साया

इस विवाद की खबर जैसे ही दलाल स्ट्रीट तक पहुंची, बीएसई (BSE) में स्पाइसजेट के शेयरों पर बिकवाली का दबाव देखा गया। दोपहर के कारोबार के दौरान स्पाइसजेट का शेयर लगभग 1 प्रतिशत तक टूट गया। निवेशकों की चिंता इसलिए भी अधिक है क्योंकि कंपनी ने हाल ही में दिसंबर 2025 की तिमाही में ₹269.27 करोड़ का भारी घाटा दर्ज किया है। कंपनी ने इस घाटे के लिए बढ़ती परिचालन लागत और कुछ एकमुश्त खर्चों को जिम्मेदार ठहराया था। अब बांग्लादेश के साथ उपजा यह नया संकट एयरलाइन की वित्तीय रिकवरी की राह में एक बड़ा रोड़ा साबित हो सकता है।

Read More: मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दावा: क्लाइमेट चेंज से निपटने में मध्यप्रदेश बन रहा देश का लीडर