UP News: अखिलेश यादव पर विवादित टिप्पणी को लेकर BJP सांसद को मानहानि का नोटिस

उत्तर प्रदेश की राजनीति में सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर घमासान छिड़ गया है। समाजवादी पार्टी ने बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे को कानूनी मानहानि का नोटिस भेजा है। सपा का आरोप है कि दुबे ने अखिलेश यादव के खिलाफ आपत्तिजनक और भ्रामक टिप्पणी कर उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश की है। पार्टी ने बिना शर्त माफी की मांग की है।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जुलाई 7, 2026

UP News: उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर की गई एक विवादित पोस्ट को लेकर भारी घमासान छिड़ गया है। समाजवादी पार्टी (सपा) ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन्हें कानूनी मानहानि का नोटिस (Legal Defamation Notice) भेज दिया है। सपा का आरोप है कि भाजपा सांसद ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक, अमर्यादित और भ्रामक टिप्पणी साझा की है। इस घटनाक्रम के बाद से ही दोनों दलों के कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच जुबानी तीर चलने तेज हो गए हैं और राज्य की राजनीति गरमा गई है।

तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का आरोप

बताते चले कि, इस पूरे विवाद की जड़ में बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे द्वारा हाल ही में डिजिटल मीडिया पर साझा की गई एक विवादित पोस्ट है। समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का कहना है कि यह पोस्ट न केवल पूरी तरह निराधार है, बल्कि इसे सोची-समझी रणनीति के तहत पार्टी प्रमुख की सार्वजनिक छवि को धूमिल (Tarnish Image) करने के उद्देश्य से लिखा गया था। सपा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि निशिकांत दुबे ने राजनीतिक विद्वेष के चलते जानबूझकर तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया, ताकि मुख्य विपक्षी दल के नेता की गरिमा और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई जा सके। पार्टी ने इसे व्यक्तिगत हमला और स्वस्थ लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया है।

लीगल सेल की बड़ी कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए समाजवादी पार्टी के लीगल सेल (Legal Cell) ने तत्काल कड़ा और सख्त रुख अख्तियार किया है। सपा के अधिवक्ताओं द्वारा निशिकांत दुबे को भेजे गए औपचारिक नोटिस में स्पष्ट तौर पर यह मांग की गई है कि सांसद अपनी उस अपमानजनक पोस्ट को तत्काल प्रभाव से सोशल मीडिया हैंडल से डिलीट (Remove Post) करें। इसके साथ ही, उन्हें देश की जनता और पार्टी नेतृत्व के सामने सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी (Unconditional Apology) मांगनी होगी। सपा ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर सांसद की ओर से कोई संतोषजनक जवाब या कदम नहीं उठाया गया, तो पार्टी उनके खिलाफ सक्षम न्यायालय में आपराधिक और दीवानी अदालती कार्रवाई शुरू करने के लिए पूरी तरह बाध्य होगी।

विपक्षी खेमे में कड़ा संदेश

निशिकांत दुबे और समाजवादी पार्टी के बीच छिड़ा यह वाकयुद्ध अब पूरी तरह से कानूनी चौखट पर पहुंच चुका है, जिसकी गूंज पूरे देश के सियासी हलकों में सुनाई दे रही है। हालांकि, भारतीय राजनीति में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का यह कोई पहला मामला नहीं है; लेकिन जिस त्वरित गति और आक्रामकता के साथ समाजवादी पार्टी ने इस बार सीधे कोर्ट जाने का रास्ता चुना है, उसने विपक्षी खेमे और अन्य राजनीतिक दलों के बीच एक बेहद कड़ा संदेश (Strong Message) दिया है। इस तीखी कानूनी घेराबंदी के बाद फिलहाल बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे या उनके कार्यालय की ओर से इस नोटिस पर कोई आधिकारिक या औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे सस्पेंस और बढ़ गया है।