Sonam Wangchuk Hunger Strike: अस्पताल में भी जारी अनशन, पत्नी गीतांजलि की खास अपील

सोनम वांगचुक को स्वास्थ्य बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो के अनुसार उन्होंने अस्पताल में भी अपना अनशन जारी रखा है। गीतांजलि ने अपील की है कि उनकी सहमति के बिना कोई उपचार न किया जाए। इस घटनाक्रम ने आंदोलन और स्वास्थ्य को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। आखिर उनकी सेहत पर डॉक्टरों का क्या कहना है और आगे क्या होगा, जानिए पूरी रिपोर्ट।

Sonam Wangchuk Hunger Strike

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 19, 2026

Sonam Wangchuk Hunger Strike:  लद्दाख की विशिष्ट पहचान और पर्यावरण की सुरक्षा की मांग को लेकर पिछले 21 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे प्रसिद्ध कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का संघर्ष जारी है। शनिवार को स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के चलते दिल्ली पुलिस उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले गई, जहाँ उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। हालांकि, अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद वांगचुक के इरादे अडिग हैं और उन्होंने अपना अनशन तोड़ने से इनकार कर दिया है। उनकी पत्नी, गीतांजलि आंगमो ने उनके संदेश को समर्थकों तक पहुँचाते हुए स्पष्ट किया है कि सोनम वांगचुक चाहते हैं कि यह आंदोलन किसी भी स्थिति में धीमा न पड़े। उन्होंने समर्थकों से 20 जुलाई को प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च में पूरे उत्साह और बड़ी संख्या में भाग लेने का आह्वान किया है।

जंतर-मंतर पर समर्थकों का डटा रहना

सोनम वांगचुक के समर्थन में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और अन्य प्रदर्शनकारी शनिवार, 18 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर एकजुट रहे। सीजेपी के प्रवक्ता सौरभ दास ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वांगचुक को उनकी इच्छा के विरुद्ध अस्पताल में रखा जाना अनुचित है। उन्होंने दावा किया कि कार्यकर्ता अस्पताल से छुट्टी पाने के अपने अधिकारों का उपयोग करने के लिए प्रयासरत हैं। दास ने जोर देते हुए कहा कि वांगचुक इस लंबी लड़ाई को जंतर-मंतर पर वापस लौटकर, अपने समर्थकों के बीच रहकर जारी रखना चाहते हैं। प्रदर्शनकारियों का मानना है कि वांगचुक की शारीरिक उपस्थिति आंदोलन में नई ऊर्जा का संचार करेगी।

डॉक्टरों की निगरानी और स्वास्थ्य स्थिति

दूसरी ओर, सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर मेडिकल टीम का रुख स्पष्ट है। दिल्ली एम्स में आपातकालीन चिकित्सा के अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. अक्षय कुमार ने रविवार को उनके स्वास्थ्य की विस्तृत जांच की। डॉ. कुमार ने बताया कि फिलहाल वांगचुक के सभी महत्वपूर्ण पैरामीटर, जैसे रक्तचाप (बीपी), ऑक्सीजन का स्तर और नाड़ी दर पूरी तरह से सामान्य हैं। उन्होंने बताया कि वांगचुक पूरी तरह से होश में हैं और बातचीत करने में सक्षम हैं। मेडिकल टीम उन्हें IV फ्लूइड्स और इलेक्ट्रोलाइट्स लेने के लिए प्रेरित कर रही है ताकि उनके शरीर में कमजोरी न आए। डॉक्टरों के अनुसार, उनकी स्थिति को ध्यान में रखते हुए टीम लगातार उन पर नजर रख रही है और उनके स्वास्थ्य को स्थिर बनाए रखने के लिए हर संभव चिकित्सकीय प्रयास किए जा रहे हैं।

आंदोलन की भविष्य की दिशा

सोनम वांगचुक का यह संघर्ष अब लद्दाख के मुद्दों को राष्ट्रीय पटल पर ले आया है। अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी उनका उपवास न तोड़ना और समर्थकों से ‘चलो संसद’ मार्च में भाग लेने की अपील करना यह दर्शाता है कि आंदोलन अपने निर्णायक मोड़ पर है। प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच यह खींचतान आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है, क्योंकि समर्थकों का एक बड़ा वर्ग जंतर-मंतर पर डटा हुआ है। वहीं, स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए हैं ताकि समय रहते किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। सोनम वांगचुक का यह धैर्यपूर्ण प्रदर्शन देश भर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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