Sonam Wangchuk: प्रसिद्ध शिक्षा सुधारक और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर अब एक नया विवाद खड़ा हो गया है। उनकी पत्नी गीतांजलि डी. अंगमो ने सफदरजंग अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को एक औपचारिक पत्र लिखकर वांगचुक को किसी अन्य अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग की है। गीतांजलि ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर पारदर्शिता की कमी के आरोप लगाए हैं।
मेडिकल रिपोर्ट न देने और निजी डॉक्टरों को मिलने से रोकने का दावा
पत्र में गीतांजलि ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन लगातार सहयोग करने में विफल रहा है। उन्होंने दावा किया कि बार-बार अनुरोध करने के बावजूद, उन्हें सोनम वांगचुक की नवीनतम मेडिकल जांच रिपोर्ट की डिजिटल या हार्ड कॉपी प्रदान नहीं की गई। इसके अतिरिक्त, पिछले 20 दिनों से वांगचुक का उपचार कर रहे उनके नियमित डॉक्टरों को भी उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई, जिससे परिवार का अस्पताल की कार्यप्रणाली पर भरोसा पूरी तरह समाप्त हो गया है।
पोटेशियम के स्तर में खतरनाक गिरावट से बढ़ी मेडिकल चिंता
परिवार की सबसे बड़ी चिंता सोनम वांगचुक के पोटेशियम लेवल में आई अचानक गिरावट है। पत्र के अनुसार, 17 जुलाई की शाम को उनका पोटेशियम स्तर 4.3 था, जो शनिवार सुबह तक गिरकर खतरनाक रूप से 2.9 पर पहुंच गया। इस तेजी से आई गिरावट ने न केवल परिवार को स्तब्ध कर दिया है, बल्कि चिकित्सा प्रबंधन पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार अब उन्हें बेहतर इलाज और सटीक निगरानी सुनिश्चित करने के लिए किसी अन्य मेडिकल सेंटर में स्थानांतरित करना चाहता है।
अस्पताल और जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था हुई बेहद सख्त
सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराए जाने के तुरंत बाद, दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। सफदरजंग अस्पताल परिसर से लेकर जंतर-मंतर तक सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। दिल्ली पुलिस के साथ अर्द्धसैनिक बलों को भी तैनात किया गया है और प्रदर्शनकारी स्थलों के पास बैरिकेडिंग कर दी गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवाजाही को भी नियंत्रित किया जा रहा है।
पुलिस प्रशासन ने बल प्रयोग के दावों को सिरे से नकारा
इस पूरे घटनाक्रम पर नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि दिल्ली हाई कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों और मेडिकल सलाह के बाद ही वांगचुक को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने लाठीचार्ज या बल प्रयोग के सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही और किसी भी प्रदर्शनकारी को हिरासत में नहीं लिया गया है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से जंतर-मंतर को शांतिपूर्वक खाली करने की अपील भी की है।










