Sonam Wangchuk Health Update: प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और युवाओं के रोजगार की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर आमरण अनशन कर रहे प्रख्यात पर्यावरण व सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन का आज 19वां दिन है। इतने लंबे समय से अन्न का एक भी दाना न लेने के कारण उनका शरीर बेहद कमजोर हो चुका है और उनका वजन 9 किलोग्राम से अधिक घट गया है। गिरते स्वास्थ्य के बावजूद वांगचुक अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनकी शारीरिक स्थिति पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखे हुए है।
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डॉक्टरों ने जताई गंभीर चिंता
जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक की देखरेख में जुटी मेडिकल टीम ने उनके स्वास्थ्य को लेकर बुलेटिन जारी किया है। वरिष्ठ डॉक्टर सतीश लांबा ने उनके गिरते स्वास्थ्य मानकों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। डॉक्टर लांबा के मुताबिक, लगातार उपवास पर रहने के कारण वांगचुक के शरीर में ब्लड शुगर का स्तर (Blood Sugar Level) लगातार कम हो रहा है। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, शुगर लेवल का इस कदर गिरना शरीर के महत्वपूर्ण अंगों (Vital Organs) के लिए बेहद जोखिम भरा साबित हो सकता है।
सक्रियता बरकरार पर खतरा बरकरार: डॉक्टरों का कहना है कि शारीरिक रूप से बेहद कमजोर होने के बावजूद मानसिक तौर पर वांगचुक अभी भी काफी सक्रिय बने हुए हैं। मेडिकल टीम ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें कई बार भूख हड़ताल खत्म करने या लिक्विड डाइट पर आने का आग्रह किया है, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े हैं। डॉक्टरों द्वारा कुछ ही देर में उनके स्वास्थ्य की फिर से सघन जांच की जाएगी।
सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश: ‘हालत बहुत अच्छी नहीं, पर हौसला बुलंद’
अपनी शारीरिक स्थिति और आंदोलन की दिशा को लेकर सोनम वांगचुक ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) हैंडल पर एक भावुक वीडियो संदेश साझा किया है।
वीडियो में अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि लगातार 19 दिनों के अनशन के बाद अब उनकी शारीरिक हालत बहुत अच्छी तो नहीं कही जा सकती, लेकिन देश के युवाओं के समर्थन और दुआओं की बदौलत यह बहुत ज्यादा खराब भी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार की ओर से परीक्षा प्रणाली में सुधार और उनकी अन्य जायज मांगों पर कोई ठोस प्रशासनिक या कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक वे अपना यह अनशन किसी भी कीमत पर वापस नहीं लेंगे।
20 जुलाई को संसद मार्च का आह्वान: ‘व्रत तुड़वाने के बजाय आंदोलन का हिस्सा बनें’
अपने वीडियो संदेश के जरिए सोनम वांगचुक ने देश की जनता, छात्र संगठनों और युवाओं से एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी अपील की है।
शांतिपूर्ण संसद मार्च की तैयारी
वांगचुक ने देशवासियों से आगामी 20 जुलाई 2026 को दिल्ली में होने वाले उनके देशव्यापी आंदोलन से जुड़ने का आह्वान किया है। उन्होंने सभी समर्थकों को 20 जुलाई को संसद तक आयोजित होने वाले एक विशाल और शांतिपूर्ण मार्च (Peaceful Parliament March) में शामिल होने का निमंत्रण दिया है।
समर्थकों से विशेष भावुक अपील
उन्होंने जंतर-मंतर पहुंचने वाले शुभचिंतकों से भावुक अपील करते हुए कहा कि लोग यहां आकर उनसे व्रत (अनशन) तोड़ने का बार-बार आग्रह न करें। इसके बजाय, यदि लोग वास्तव में उनके प्रति सहानुभूति रखते हैं, तो वे इस व्यवस्था को बदलने के लिए आगे आएं और उनके इस शांतिपूर्ण आंदोलन का हिस्सा बनकर सरकार तक युवाओं की आवाज पहुंचाएं। विपक्ष के बड़े नेताओं के समर्थन और इस संसद मार्च के आह्वान के बाद अब यह आंदोलन और बड़ा रूप लेता दिख रहा है।
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