Sonam Wangchuk News: नीट (NEET) मामले और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे प्रसिद्ध पर्यावरणविद् व एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने आखिरकार सरकार के आश्वासन के बाद 26 दिनों के लंबे संघर्ष के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया है। उनके इस फैसले के बाद देश भर की राजनीति में सरगर्मी तेज हो गई है। सोनम वांगचुक पिछले कई हफ्तों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर लोकतांत्रिक व्यवस्था और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए भूख हड़ताल पर बैठे थे, जिसके कारण उनकी सेहत लगातार चिंताजनक स्थिति में पहुंच रही थी। अंततः सरकार द्वारा मांगों पर विचार और चर्चा का भरोसा दिए जाने के बाद उन्होंने अपना उपवास तोड़ा।
अखिलेश यादव की कड़ी प्रतिक्रिया
बताते चले कि, सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की तीखी और स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने आई है। सपा मुखिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर आक्रामक रुख अपनाते हुए पोस्ट किया और लिखा कि जब समस्या या बीमारी जड़ (Root) में है, तो केवल फल (Fruit) का इलाज करने से कोई संतुष्ट होने वाला नहीं है। उन्होंने देश की मौजूदा व्यवस्था पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि देश में हर समस्या की एक ही जड़ है और नाम तो सब जानते हैं — ‘BJP’। अखिलेश यादव ने अपने बयान में कटाक्ष करते हुए ‘NO FAST TRACK; BJP GO BACK!’ का नारा भी दिया, जो राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
सपा प्रमुख का पुराना रुख और नेताओं की सक्रियता
सोनम वांगचुक के अनशन को समाप्त कराने के लिए समाजवादी पार्टी ने पहले ही सक्रिय भूमिका निभाई थी। अखिलेश यादव ने कुछ दिन पहले ही उनसे फोन पर बातचीत कर स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने और अनशन खत्म करने का आग्रह किया था। सपा प्रमुख ने कहा था कि ऐसे असंवेदनशील तंत्र के सामने जीवन दांव पर लगाना उचित नहीं है। इस आंदोलन को समर्थन देने के लिए सपा के कई प्रमुख नेता और सांसद लगातार जंतर-मंतर पहुंचे थे। पार्टी नेतृत्व का साफ मानना था कि वांगचुक का जीवन देश, लोकतंत्र और पर्यावरण के संघर्ष के लिए अत्यंत मूल्यवान है, इसलिए उनका स्वस्थ रहना सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
राम गोपाल यादव का बयान
सोनम वांगचुक के अनशन टूटने के बाद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद राम गोपाल यादव का आधिकारिक बयान भी सामने आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी वैचारिक रूप से कभी भी आमरण अनशन या भूख हड़ताल के पक्ष में नहीं रही है। उन्होंने समाजवादी पुरोधा डॉ. राममनोहर लोहिया के सिद्धांतों का हवाला देते हुए कहा कि डॉ. लोहिया भी आमरण अनशन के सख्त खिलाफ थे। हालांकि, पार्टी विपक्ष के रूप में जनहित की हर मांग पर अपनी आवाज पूरी मजबूती से कायम रखेगी और लोकतांत्रिक तरीकों से सरकार को घेरती रहेगी।
अवधेश प्रसाद की प्रतिक्रिया
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पहले ही उनसे जीवन की बहुमूल्यता को देखते हुए अनुरोध किया था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज के समय में महात्मा गांधी द्वारा दिया गया अनशन और सत्याग्रह का हथियार इस भाजपा सरकार पर पूरी तरह बेअसर साबित हो रहा है, क्योंकि इस शासनकाल में इन तरीकों का कोई सम्मान नहीं बचा है। इसके बावजूद, सपा सांसदों ने वहां पहुंचकर उनसे अनशन तोड़ने का आग्रह किया था, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया, जिसके लिए उन्होंने वांगचुक को बधाई दी है।










