CJP Protest: संसद मार्च में पुलिसिया बर्बरता पर भड़के वांगचुक, अस्पताल से ही सरकार को दे डाली यह बड़ी चेतावनी

दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 'चलो संसद' मार्च के दौरान छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अस्पताल से अपना अनशन जारी रखने का एलान किया है। उन्होंने मांग की है कि युवा नेताओं को संसद में सांसदों से मिलने की अनुमति दी जाए।

CJP Protest

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जुलाई 20, 2026

CJP Protest: देश की राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले चल रहे ‘चलो संसद’ मार्च को रोकने के लिए हुए भारी हंगामे और पुलिसिया कार्रवाई के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। अस्पताल में भर्ती देश के प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने पहले से जारी अपनी भूख हड़ताल को लेकर एक नया और कड़ा संदेश जारी किया है। वांगचुक के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक नई पोस्ट साझा की गई है, जिसमें उन्होंने साफ तौर पर अपने आमरण अनशन को अनवरत जारी रखने की घोषणा की है।

उन्होंने अपने संदेश में अत्यंत भावुक और आक्रामक लहजे में लिखा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए मार्च कर रहे निर्दोष युवाओं के साथ दिल्ली की सड़कों पर जिस तरह की क्रूरता और प्रशासनिक बर्बरता बरती गई है, उसे देखकर उनका दिल दहल गया है। इसी के विरोध में उन्होंने फैसला किया है कि उनका यह अनशन अब तब तक खत्म नहीं होगा, जब तक कि आंदोलन का नेतृत्व कर रहे युवा नेताओं को देश के संसद भवन के भीतर जाकर सर्वोच्च जनप्रतिनिधियों व सांसदों से सीधे मुलाकात करने की आधिकारिक इजाजत नहीं मिल जाती।

शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने की मांग

सोनम वांगचुक ने अस्पताल के वार्ड से लिखे अपने इस विस्तृत पत्र में केंद्र सरकार के प्रशासनिक रवैये पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में उन्हें केवल अस्पताल परिसर के भीतर ही परिजनों और कुछ लोगों से मिलने की अनुमति दी गई है, लेकिन वे बाहर चल रहे छात्रों के इस ऐतिहासिक आंदोलन के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं।

“मुझे पूरी उम्मीद है कि इस गतिरोध को सुलझाने से पहले केंद्र सरकार देश की जर्जर शिक्षा व्यवस्था और निरंतर हो रहे पेपर लीक घघोटालों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करेगी।” – सोनम वांगचुक, सामाजिक कार्यकर्ता

उन्होंने आगे लिखा कि पुलिस प्रशासन के तमाम उकसावे, लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोलों के बावजूद देश के युवाओं ने जिस अद्भुत शांति और संयम का परिचय दिया है, वह वास्तव में अत्यंत सराहनीय और प्रभावित करने वाला है। वांगचुक ने देश के गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों से हाथ जोड़कर अपील की है कि वे हठधर्मिता छोड़कर प्रदर्शनकारी छात्रों को आज या कल में से किसी भी दिन संसद के समक्ष शांतिपूर्ण ढंग से अपनी जायज शिकायतें और मांगें रखने की अनुमति दें, ताकि इस राष्ट्रीय संकट का कोई तार्किक समाधान निकल सके। उन्हें पूरा भरोसा है कि युवा आंदोलनकारी आने वाले दिनों में भी ठीक वैसा ही धैर्य, अनुशासन और सहनशीलता का प्रदर्शन करेंगे, जैसा उन्होंने आज की विषम परिस्थितियों में दिखाया है।

जंतर-मंतर पर पुलिस और CJP कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प

इससे पहले, सोमवार सुबह दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर और संसद मार्ग के आस-पास का पूरा इलाका एक अभूतपूर्व रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। सीजेपी द्वारा आयोजित इस विशाल विरोध प्रदर्शन और मार्च को देखते हुए गृह मंत्रालय के निर्देश पर पूरी लुटियंस दिल्ली में हजारों की संख्या में अर्धसैनिक बलों और पुलिस के जवानों की मुस्तैदी की गई थी। अधिकारियों ने संसद भवन की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए इलाके में धारा 163 लागू करने के साथ ही कई कड़े यातायात प्रतिबंध भी लगा रखे थे।

रक्षा एजेंसियों और प्रदर्शनकारियों के बीच सीधा टकराव

परंतु, जैसे ही पेपर लीक और बेरोजगारी से आक्रोशित छात्रों और युवाओं का हुजूम संसद भवन की ओर जबरन आगे बढ़ने लगा, वैसे ही सुरक्षा एजेंसियों और प्रदर्शनकारियों के बीच सीधा टकराव शुरू हो गया। उग्र भीड़ को देश के सर्वोच्च विधायी निकाय (संसद भवन) की तरफ बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस बल ने लोहे के भारी सुरक्षा बैरिकेड्स लगा रखे थे, जिन्हें लांघने का प्रयास करने पर पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। इस दौरान आंदोलनकारी युवाओं और सुरक्षाकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक और हिंसक झड़पें हुईं, जिसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर निर्दयतापूर्वक लाठीचार्ज (Police Lathi Charge on Students) कर दिया। इस लाठीचार्ज में कई युवा कार्यकर्ताओं के घायल होने की खबर है, जिसके बाद पूरी राजधानी में राजनीतिक माहौल अत्यंत तनावपूर्ण और गरमा गया है।