Sonam Wangchuk: देश की राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर एक बार फिर बड़े सियासी और सामाजिक आंदोलन का केंद्र बन गया है। परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली के खिलाफ पिछले 17 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे प्रख्यात पर्यावरण व जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अब राजनीतिक दलों का भी खुला समर्थन मिलने लगा है। इसी कड़ी में आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल आज यानी गुरुवार (16 जुलाई) को जंतर-मंतर जाकर सोनम वांगचुक से मुलाकात करेंगे। आम आदमी पार्टी ने इस आंदोलन को युवाओं के भविष्य से जोड़ते हुए आम जनता से भी भारी संख्या में इस प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।
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AAP का मिला साथ
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक संजीव झा ने बुधवार को एक वीडियो संदेश जारी कर इस मुलाकात की आधिकारिक जानकारी दी। उन्होंने देश के युवाओं से इस मुहिम का हिस्सा बनने का आग्रह किया है। संजीव झा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर साझा किए गए अपने वीडियो में कहा कि सोनम वांगचुक का यह आंदोलन किसी व्यक्तिगत स्वार्थ या निजी हित के लिए नहीं है। वह देश के करोड़ों युवाओं के सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य के लिए कड़ा संघर्ष कर रहे हैं।
इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य देश के भीतर एक पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और भ्रष्टाचार मुक्त परीक्षा प्रणाली (Examination System) सुनिश्चित करना है, ताकि योग्य युवाओं को रोजगार के सही और उचित अवसर मिल सकें। आप नेता ने वांगचुक की सराहना करते हुए उन्हें समाज के प्रति समर्पित एक असाधारण कार्यकर्ता बताया, जिन्होंने लद्दाख में जल संरक्षण और सतत पर्वतीय विकास के क्षेत्र में ऐतिहासिक योगदान दिया है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि लगातार 17 दिनों के कड़े उपवास के कारण वांगचुक का स्वास्थ्य अब काफी तेजी से बिगड़ रहा है।
दिल्ली हाई कोर्ट सख्त
जंतर-मंतर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में आमूलचूल सुधार की मांग को लेकर 28 जून से जारी इस आमरण अनशन का मामला अब देश की न्यायपालिका की दहलीज पर पहुंच गया है।
सोनम वांगचुक द्वारा की जा रही इस अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। इस याचिका पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ ने सुनवाई की। अदालत ने इस मामले में बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। माननीय अदालत ने दोनों ही सरकारों को इस विषय पर कल (शुक्रवार) तक अपना विस्तृत जवाब दाखिल करने का सख्त निर्देश दिया है।
विपक्ष का बढ़ता समर्थन
सोनम वांगचुक के इस आंदोलन को केवल आम आदमी पार्टी ही नहीं, बल्कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का भी पुरजोर समर्थन मिल रहा है।
बुधवार को कांग्रेस सांसद प्रशांत पाडोले ने जंतर-मंतर पहुंचकर सोनम वांगचुक से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनके प्रति अपनी एकजुटता प्रकट की। पाडोले ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और अन्य छात्र संगठनों के विरोध का खुलकर समर्थन किया। मौजूदा सरकार पर प्रतियोगी परीक्षाओं में भारी भ्रष्टाचार और ढिलाई बरतने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस सांसद ने एलान किया कि वे आगामी 20 जुलाई को इस आंदोलन के समर्थन में आयोजित होने वाले संसद मार्च (Parliament March) में भी सक्रिय रूप से शामिल होंगे। विपक्ष के इस आक्रामक रुख से आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद से लेकर सड़क तक और गरमाने के आसार हैं।
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