Women Reservation Bill: महिला आरक्षण पर स्मृति ईरानी का पलटवार ‘कांग्रेस ने महिलाओं के सपनों को कुचला’

लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल गिरने के बाद भाजपा और कांग्रेस में वाकयुद्ध छिड़ गया है। प्रियंका गांधी के 'तत्काल आरक्षण' के प्रस्ताव पर स्मृति ईरानी ने तीखा प्रहार करते हुए इसे कांग्रेस का पाखंड बताया। ईरानी ने कहा कि जो पार्टी दशकों तक महिलाओं को बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखती रही, वह आज उनके अधिकारों पर दिखावटी जश्न मना रही है।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 18, 2026

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Women Reservation Bill: महिला आरक्षण संशोधन विधेयक के लोकसभा में गिरने के बाद देश की दो सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टियों, भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। 17 अप्रैल को सदन में दो-तिहाई बहुमत न मिल पाने के कारण बिल के विफल होने पर जहां कांग्रेस इसे ‘रणनीतिक जीत’ बता रही है, वहीं भारतीय जनता पार्टी ने इसे विपक्ष का महिला विरोधी चेहरा करार दिया है। इस विवाद ने अब एक नया मोड़ ले लिया है, जिसमें प्रियंका गांधी के प्रस्ताव पर स्मृति ईरानी ने पलटवार करते हुए कांग्रेस के छह दशकों के इतिहास पर सवाल उठाए हैं।

प्रियंका गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस और

बताते चले कि, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने बिल गिरने के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की,जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। प्रियंका गांधी ने प्रस्ताव रखा कि महिला आरक्षण (Women’s Reservation) को लागू करने के लिए भविष्य की जनगणना या परिसीमन का इंतजार करने के बजाय, लोकसभा की वर्तमान महिला सदस्यों की संख्या के आधार पर ही तुरंत आरक्षण प्रभावी किया जाना चाहिए। कांग्रेस का तर्क है कि भाजपा सरकार परिसीमन की आड़ में इस महत्वपूर्ण अधिकार को लटकाना चाहती है, जबकि इसे मौजूदा ढांचे में भी शुरू किया जा सकता है।

स्मृति ईरानी का प्रियंका गांधी के बयान पर पलटवार

प्रियंका गांधी के बयानों पर पलटवार करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता स्मृति ईरानी (Smriti Irani) ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। स्मृति ईरानी ने कहा कि कल संसद में जो हुआ, उससे कांग्रेस का असली चेहरा देश की महिलाओं के सामने बेनकाब हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब बिल गिरा, तब कांग्रेस नेता मेजें थपथपाकर जश्न मना रहे थे। ईरानी के अनुसार, कांग्रेस ने देश की महिलाओं की राजनीतिक जागृति की आकांक्षाओं (Aspirations of Political Awakening) को कुचल दिया है और उनका यह जश्न संघर्षरत महिलाओं के अधिकारों का अपमान है।

छह दशकों के शासन पर प्रहार

स्मृति ईरानी ने कांग्रेस को उनके कार्यकाल की याद दिलाते हुए कहा कि समानता के अधिकार (Right to Equality) की लड़ाई भाजपा के लिए सत्ता का संघर्ष नहीं बल्कि एक संकल्प है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस के छह दशक के शासन में 11 करोड़ महिलाएं शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित रहीं और 25 करोड़ महिलाओं के पास बैंक खाते तक नहीं थे। ईरानी ने जोर देकर कहा कि भाजपा-एनडीए सरकार ने ही देश का पहला जेंडर बजट फ्रेमवर्क (Gender Budget Framework) पेश किया, जो महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम था।

कांग्रेस का ‘दोहरा चेहरा’

भाजपा नेता ने कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए गए बयानों को पाखंड और विरोधाभासी (Hypocrisy and Contradiction) बताया। स्मृति ईरानी ने सवाल किया कि एक तरफ कांग्रेस 2023 के बिल का समर्थन करने की बात करती है जिसमें परिसीमन (Delimitation) का स्पष्ट उल्लेख है, और दूसरी तरफ वे कहते हैं कि उन्हें परिसीमन समिति की व्यवस्था पर भरोसा नहीं है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि कांग्रेस को न तो देश की संवैधानिक व्यवस्था पर भरोसा है और न ही संसद पर। स्मृति ईरानी के मुताबिक, कांग्रेस ने महिलाओं के प्रति अपना “क्रूर चेहरा” दिखाकर यह साबित कर दिया है कि वे महिलाओं को उनके विधायी अधिकारों से वंचित रखना चाहते हैं।

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