Haryana News: हरियाणा के सिरसा जिले के वैदवाला गांव में हाईटेंशन बिजली लाइनों और उनके टावरों के लिए दिए जा रहे मुआवजे को लेकर किसानों का विरोध तेज हो गया है। किसानों ने आरोप लगाया है कि उनकी कृषि भूमि पर लगाए गए बिजली के टावरों और गुजर रही हाईटेंशन लाइनों के बदले सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। इसी नाराजगी के चलते कई किसान हाईटेंशन बिजली टावरों पर चढ़ गए और वहीं से अपना विरोध दर्ज कराया। इस घटनाक्रम के बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जिसके चलते पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए।
कश्मीर में लश्कर कमांडर जाकिर गनई का एनकाउंटर, 5 दिन बाद ऑपरेशन सफल; पुलिस का सख्त संदेश
किसान नेताओं ने संभाली विरोध की कमान
प्रदर्शन की शुरुआत किसान नेता भूपेंद्र सिंह ने की, जो सबसे पहले बिजली के टावर पर चढ़े। उनके इस कदम के बाद अन्य किसान नेता भी समर्थन में टावरों पर पहुंच गए। प्रदर्शन में एक दिव्यांग युवक ने भी भाग लिया और टावर पर चढ़कर किसानों की मांगों का समर्थन किया। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाएगा और उचित मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
मुआवजे में भेदभाव का लगाया आरोप

प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि सरकार द्वारा अलग-अलग जिलों में मुआवजे की अलग व्यवस्था अपनाई जा रही है। उनका आरोप है कि सोनीपत जिले के किसानों को हाईटेंशन बिजली परियोजनाओं के लिए अधिक मुआवजा दिया गया है, जबकि सिरसा के किसानों को उसी प्रकार की भूमि और परियोजना के बावजूद काफी कम राशि दी जा रही है। किसानों का मानना है कि यह उनके साथ अन्याय है और सभी जिलों में एक समान नीति के तहत मुआवजा दिया जाना चाहिए।
पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और हालात को शांतिपूर्ण बनाए रखने के प्रयास शुरू किए। प्रशासन ने किसानों से बातचीत कर उन्हें सुरक्षित तरीके से नीचे उतरने और अपनी मांगों को वार्ता के माध्यम से रखने की अपील की। अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
बिजली निगम की टीम को भी करना पड़ा विरोध का सामना
स्थिति को देखते हुए बिजली निगम के तकनीकी अधिकारियों और कर्मचारियों को भी मौके पर बुलाया गया। उनका उद्देश्य बिजली व्यवस्था की निगरानी करना और आवश्यक तकनीकी कार्य करना था। हालांकि प्रदर्शन कर रहे किसानों ने उनका विरोध किया और उन्हें टावरों पर चढ़ने की अनुमति नहीं दी। किसानों का कहना था कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक वे किसी भी प्रकार का तकनीकी कार्य नहीं होने देंगे।
कश्मीर में लश्कर कमांडर जाकिर गनई का एनकाउंटर, 5 दिन बाद ऑपरेशन सफल; पुलिस का सख्त संदेश
मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
किसानों ने स्पष्ट किया है कि उनका आंदोलन केवल उचित और न्यायसंगत मुआवजे की मांग को लेकर है। उनका कहना है कि वे सरकार से किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं कर रहे, बल्कि वही मुआवजा चाहते हैं जो निर्धारित नियमों और अन्य जिलों में लागू मानकों के अनुसार किसानों को दिया जा रहा है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो उनका विरोध प्रदर्शन आगे भी जारी रहेगा। फिलहाल प्रशासन लगातार किसानों से बातचीत कर स्थिति को सामान्य बनाने का प्रयास कर रहा है।










