Sikkim Landslide: सिक्किम में कुदरत का कहर! भारी बारिश से सड़कें बंद, लाचेन-चुंगथांग मार्ग ठप

उत्तर सिक्किम में मूसलाधार बारिश के बाद जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। चुंगथांग में भूस्खलन (Landslide) के कारण सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे 150 से 200 पर्यटक बीच रास्ते में फंस गए हैं।

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मार्च 25, 2026

Sikkim Landslide: हिमालयी राज्य सिक्किम के उत्तरी हिस्से में पिछले 24 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। अचानक हुई इस बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। सबसे गंभीर स्थिति चुंगथांग और लाचेन के बीच बनी हुई है, जहाँ भूस्खलन (Landslide) के चलते मुख्य मार्ग पूरी तरह बंद हो गए हैं। इस प्राकृतिक आपदा की वजह से लाचेन की ओर जा रहे लगभग 150 से 200 पर्यटक बीच रास्ते में ही फंस गए हैं।

गंगटोक से लाचेन और चुंगथांग से लाचेन को जोड़ने वाली सड़कों पर बड़े-बड़े पत्थरों और मलबे के आने से आवाजाही पूरी तरह ठप है। पर्यटक न तो आगे बढ़ पा रहे हैं और न ही वापस लौट पा रहे हैं।

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प्रशासन और ITBP का रेस्क्यू ऑपरेशन

मंगन जिला कलेक्टर अनंत जैन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। फंसे हुए पर्यटकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। वर्तमान में, इन पर्यटकों को ITBP (भारत-तिब्बत सीमा पुलिस) कैंप और स्थानीय गुरुद्वारे में ठहराया गया है।

जिला प्रशासन और सुरक्षा बलों द्वारा पर्यटकों के लिए ठहरने, भोजन और चिकित्सा सहायता का उचित प्रबंध किया गया है। प्रशासन का कहना है कि सभी पर्यटक सुरक्षित हैं और घबराने की आवश्यकता नहीं है।

सड़क बहाली और मौसम का अनुमान

कलेक्टर अनंत जैन के अनुसार, सड़कों को साफ करने का काम युद्ध स्तर पर शुरू किया जाएगा, लेकिन इसके लिए मौसम का साफ होना बेहद जरूरी है। अभी भी इलाके में हल्की बारिश जारी है, जिससे दोबारा भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। जब तक सड़कें पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जातीं, तब तक पर्यटकों को लाचेन की ओर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

दूसरी ओर, एक राहत भरी खबर यह है कि लाचुंग की ओर जाने वाली सड़क से मलबा हटा लिया गया है। वहां फंसे पर्यटकों को सुरक्षित तरीके से गंगटोक वापस भेज दिया गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक सिक्किम के ऊपरी इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है, इसलिए प्रशासन हाई अलर्ट पर है।

बिजली और इंफ्रास्ट्रक्चर पर दोहरी मार

यह पहली बार नहीं है जब इस महीने मौसम ने सिक्किम को परेशान किया है। मार्च की शुरुआत से ही राज्य के पाकयोंग, गंगटोक और मंगन जिलों में तेज आंधी और ओलावृष्टि ने भारी नुकसान पहुँचाया है। बिजली विभाग के अनुसार, कई प्रमुख 66 केवी ट्रांसमिशन लाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं।

अम्बा इलाके में कंडक्टर टूटने से रोंगली और रेन्नॉक जैसे क्षेत्रों में घंटों तक अंधेरा छाया रहा। वहीं, गंगटोक के नामली इलाके में स्पार्किंग और तकनीकी खराबी के कारण निमतार और सिंगताम क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई है। सिक्किम पावर डिपार्टमेंट की टीमें लगातार इन लाइनों को ठीक करने की कोशिश कर रही हैं।

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