आर-पार के मूड में सिद्धारमैया, कर्नाटक की सियासत में फिर उबाल

 बेंगलुरु कर्नाटक में सत्ता की लड़ाई फिर से जोर पकड़ती नजर आ रही है. हफ्तेभर पहले ही सबसे अधिक समय तक कर्नाटक की बागडोर संभालने वाले मुख्यमंत्री का नया रिकॉर्ड सेट करने वाले सिद्धारमैया भी अब कुर्सी को लेकर खींचतान के बीच आर-पार के मूड में आ गए हैं. सिद्धारमैया ने हर रोज हो रहे नए कनफ्यूजन को लेकर कांग्रेस आलाकमान से स्थिति स्पष्ट करने की डिमांड की है. सूत्रों के मुताबिक सीएम सिद्धारमैया ने राहुल गांधी से स्थिति स्पष्ट करने की डिमांड की है. सिद्धारमैया का कहना है कि मुख्यमंत्री के मुद्दे पर हर रोज नया-नया कनफ्यूजन हो रहा

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Published On :

जनवरी 14, 2026

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 बेंगलुरु

कर्नाटक में सत्ता की लड़ाई फिर से जोर पकड़ती नजर आ रही है. हफ्तेभर पहले ही सबसे अधिक समय तक कर्नाटक की बागडोर संभालने वाले मुख्यमंत्री का नया रिकॉर्ड सेट करने वाले सिद्धारमैया भी अब कुर्सी को लेकर खींचतान के बीच आर-पार के मूड में आ गए हैं. सिद्धारमैया ने हर रोज हो रहे नए कनफ्यूजन को लेकर कांग्रेस आलाकमान से स्थिति स्पष्ट करने की डिमांड की है.

सूत्रों के मुताबिक सीएम सिद्धारमैया ने राहुल गांधी से स्थिति स्पष्ट करने की डिमांड की है. सिद्धारमैया का कहना है कि मुख्यमंत्री के मुद्दे पर हर रोज नया-नया कनफ्यूजन हो रहा है. मैं कैबिनेट का विस्तार भी करना चाहता हूं. उन्होंने आलाकमान से यह भी कहा है कि मुझे नई नियुक्तियां करने की भी जरूरत है. सिद्धारमैया ने राहुल गांधी से सॉल्यूशन की डिमांड की है, जिससे कनफ्यूजन की स्थिति समाप्त हो.

कर्नाटक की कुर्सी को लेकर पिछले कुछ महीनों से चल रही खींचतान के बीच सीएम सिद्धारमैया ने एक दिन पहले ही राहुल गांधी से मुलाकात की थी. यह मुलाकात राहुल गांधी के गुडालूर दौरे के दौरान रास्ते में हुई थी. सीएम सिद्धारमैया की यह मुलाकात तब हुई थी, जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी गुडालूर जा रहे थे.

इस दौरान सीएम सिद्धारमैया, राहुल गांधी से बात करते नजर आए थे. हालांकि, सीएम ने पावर शेयरिंग को लेकर बनी कनफ्यूजन की स्थिति के सवाल पर स्पष्ट कहा था कि पार्टी के भीतर ऐसा कोई झगड़ा नहीं है. सीएम सिद्धारमैया ने यह भी कहा था कि राहुल गांधी से उनकी कोई राजनीतिक बातचीत नहीं हुई है.

बता दें कि कर्नाटक की सियासत में सिद्धारमैया सरकार बनने के बाद से ही पावर शेयरिंग फॉर्मूले की चर्चा रही है. चर्चा के मुताबिक सरकार गठन के समय ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले पर सहमति बनी थी. हालांकि, इसे लेकर कोई आधिकारिक बयान या जानकारी नहीं दी गई कभी.

कर्नाटक में कांग्रेस की सिद्धारमैया सरकार के ढाई साल 20 नवंबर को पूरे हो गए थे और इसके बाद कर्नाटक कांग्रेस में कुर्सी की खींचतान नए सिरे से तेज हो गई थी. बात इतनी बढ़ गई थी कि कांग्रेस नेतृत्व को दखल देना पड़ा था. सिद्धारमैया समर्थक भी कांग्रेस नेतृत्व से कनफ्यूजन दूर करने की डिमांड करते रहे हैं.

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