शिवराज सिंह चौहान का आश्वासन: किसानों का ध्यान रखते हुए भारतीय मसालों को मिलेगा नया बाजार

भोपाल  भारत-अमरीका ट्रेड डील पर डेयरी और कृषि उत्पादों को लेकर कई दिन से तरह-तरह की चर्चाएं चल रही थीं। इसी बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में प्रेसवार्ता कर खेती-किसानी से जुड़े मामले पर बात रखी। कहा कि यह समझौता किसानों को पूरी तरह से सुरक्षित रखता है। भारतीय किसानों के कई कृषि उत्पादों को अमरीका में शून्य शुल्क पर निर्यात किया जाएगा, लेकिन अमरीकी किसानों के कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में यह छूट नहीं मिली है। भारत के कृषि और डेयरी के हित पूरी तरह से सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा, अमरीका ने कृषि क्षेत्र

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Published On :

फ़रवरी 9, 2026

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भोपाल 

भारत-अमरीका ट्रेड डील पर डेयरी और कृषि उत्पादों को लेकर कई दिन से तरह-तरह की चर्चाएं चल रही थीं। इसी बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में प्रेसवार्ता कर खेती-किसानी से जुड़े मामले पर बात रखी। कहा कि यह समझौता किसानों को पूरी तरह से सुरक्षित रखता है।

भारतीय किसानों के कई कृषि उत्पादों को अमरीका में शून्य शुल्क पर निर्यात किया जाएगा, लेकिन अमरीकी किसानों के कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में यह छूट नहीं मिली है। भारत के कृषि और डेयरी के हित पूरी तरह से सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा, अमरीका ने कृषि क्षेत्र के कई उत्पादों पर टैरिफ में बड़ी कटौती की है। जो टैरिफ पहले 50 प्रतिशत तक था, उसे घटाकर शून्य कर दिया है।
विदेशी कृषि उत्पादों को देना होगा टैरिफ

शिवराज ने कहा कि हमारे मसालों को अमरीका में भी नया और बड़ा बाजार मिलेगा। भारत पहले से ही मसालों के वैश्विक बाजार में मजबूत स्थिति रखता है। दुनिया के करीब 200 स्थानों पर भारत मसाले और मसालों के उत्पाद निर्यात करता है। इस समझौते से मसालों और अन्य कृषि उत्पादों के निर्यात में तेजी आएगी। 

अगर विदेशी कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में आते हैं तो उन्हें टैरिफ देना होगा। हमारे किसानों को पूरी छूट प्राप्त है। यही इस डील की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा, मसाले, चाय, कॉफी, नारियल, नारियल तेल, सुपारी, काजू, वनस्पति वैक्स, एवोकाडो, केला, अमरूद, आम, कीवी, पपीता, अनानास, मशरूम और कुछ अनाज में टैरिफ शून्य रहेगा।
अमरीका के लिए नहीं खोले द्वार

शिवराज ने कहा कि ऐसा कोई भी उत्पाद समझौते में शामिल नहीं है, जिससे हमारे किसानों को नुकसान हो। सभी संवेदनशील वस्तुओं को समझौते से बाहर रखा गया है। सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, चीनी, मोटे अनाज, पोल्ट्री, डेयरी, केला, स्ट्रॉबेरी, चेरी, खट्टे फल, हरी मटर, काबुली चना, मूंग, तिलहन, इथेनॉल और तंबाकू जैसे उत्पादों पर किसी भी तरह की टैरिफ छूट नहीं दी गई है। प्रमुख अनाज, प्रमुख फल और डेयरी उत्पादों के लिए अमरीका के लिए द्वार नहीं खोला गया है।

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