Shehbaz Sharif का विवादित बयान, Kashmir को बताया Pakistan का हिस्सा, भारत का कड़ा जवाब

कश्मीर सॉलिडेरिटी डे के मौके पर पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने मुजफ्फराबाद में आग उगलते हुए कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा बताया और भारत पर 'प्रॉक्सि टेररिज्म' का आरोप लगाया। 2025 के सैन्य संघर्ष की हार के बाद शरीफ का यह बयान क्या किसी नई साजिश का हिस्सा है? भारत ने दिया है अब तक का सबसे सख्त जवाब।

Shehbaz Sharif

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 6, 2026

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Shehbaz Sharif: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंचों और सार्वजनिक सभाओं में कश्मीर मुद्दे को लेकर भारत के खिलाफ जहर उगला है। ‘कश्मीर सॉलिडेरिटी डे’ (कश्मीर एकजुटता दिवस) के अवसर पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में बोलते हुए शरीफ ने अत्यंत विवादित और भड़काऊ बयानबाजी की। मुजफ्फराबाद में एकत्रित भीड़ को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि कश्मीर आने वाले समय में पाकिस्तान का अटूट हिस्सा बनेगा। शहबाज शरीफ का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान खुद भीषण आर्थिक और राजनीतिक संकट से जूझ रहा है, लेकिन वहां का नेतृत्व अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए फिर से पुराने और घिसे-पिटे ‘कश्मीर नैरेटिव’ का सहारा ले रहा है।

जिन्ना की ‘लाइफलाइन’ का हवाला और पाकिस्तानी विदेश नीति का आधार

मुजफ्फराबाद असेंबली के सामने अपना पक्ष रखते हुए शहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान की स्थापना के समय से ही कश्मीर के प्रति उनकी प्रतिबद्धता में कोई कमी नहीं आई है। उन्होंने पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना के उस पुराने कथन को दोहराया जिसमें कश्मीर को पाकिस्तान की ‘लाइफलाइन’ (शह रग) बताया गया था। शरीफ ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान की पूरी विदेश नीति कश्मीर के इर्द-गिर्द घूमती है और वे इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के पुराने प्रस्तावों को लागू करने की मांग जारी रखेंगे। उन्होंने कश्मीरी लोगों की इच्छाओं के सम्मान की बात करते हुए इसे दक्षिण एशिया की शांति के लिए अनिवार्य शर्त बताया।

शांति और समानता का दावा: पाकिस्तान का दोहरा चरित्र

अपने भाषण के दौरान पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने यह दावा भी किया कि इस्लामाबाद पूरे क्षेत्र में शांति और स्थिरता का पक्षधर है। हालांकि, उन्होंने इस शांति को समानता और न्याय की शर्तों से जोड़ दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि शहबाज शरीफ का यह संदेश कश्मीरी भाइयों के साथ खड़े होने के दिखावे के अलावा और कुछ नहीं है। पाकिस्तान लंबे समय से शांति की बात तो करता है, लेकिन जमीनी हकीकत में वह सीमा पार से घुसपैठ और अस्थिरता पैदा करने की कोशिशों में लगा रहता है। इस दोहरे चरित्र के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पाकिस्तान की विश्वसनीयता लगातार कम हो रही है।

भारत का सख्त रुख: “जम्मू, कश्मीर और लद्दाख अभिन्न हिस्सा हैं और रहेंगे”

शहबाज शरीफ की इस बयानबाजी पर भारत सरकार ने बिना किसी देरी के अत्यंत कड़ा और स्पष्ट पलटवार किया है। नई दिल्ली ने पाकिस्तान के सभी दावों को पूरी तरह से निराधार, अवैध और ऐतिहासिक रूप से गलत करार देकर खारिज कर दिया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बार फिर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि संपूर्ण जम्मू, कश्मीर और लद्दाख का क्षेत्र भारत का अविभाज्य और अभिन्न अंग था, है और सदैव रहेगा। भारत ने पाकिस्तान को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि वह सीमा पार से प्रायोजित आतंकवाद को बढ़ावा देना बंद करे और अपनी ऊर्जा अपने देश की बदहाली को सुधारने में लगाए।

आंतरिक मामलों में दखल: ध्यान भटकाने की पुरानी पाकिस्तानी रणनीति

भारत ने पाकिस्तान पर अपने आंतरिक मामलों में अनुचित तरीके से हस्तक्षेप करने का गंभीर आरोप लगाया है। भारतीय कूटनीतिज्ञों का कहना है कि जब भी पाकिस्तान में घरेलू समस्याएं—जैसे महंगाई, सत्ता संघर्ष और गृहयुद्ध जैसी स्थितियां—बढ़ती हैं, वहां की सरकार जनता का ध्यान भटकाने के लिए ‘कश्मीर राग’ अलापना शुरू कर देती है। ‘कश्मीर सॉलिडेरिटी डे’ जैसे आयोजन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गलत नैरेटिव बनाने की एक नाकाम कोशिश मात्र हैं। भारत ने साफ कर दिया है कि वह अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगा।

बढ़ता राजनयिक तनाव और बातचीत की धुंधली संभावनाएं

शहबाज शरीफ के इस नए भड़काऊ बयान ने दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद राजनयिक तनाव को और अधिक गहरा कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की बयानबाजी द्विपक्षीय बातचीत की बची-खुची संभावनाओं को भी खत्म कर देती है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भी यह संदेश दिया है कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते। जब तक पाकिस्तान अपनी धरती पर पनप रहे आतंकी ढांचे को नष्ट नहीं करता और इस तरह के भड़काऊ दावों से बाज नहीं आता, तब तक रिश्तों में सुधार की कोई गुंजाइश नहीं है।

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