Shattila Ekadashi 2026: एकादशी पर क्या है पूजा का श्रेष्ठ मुहूर्त? एक क्लिक में जानें जरूरी नियम

माघ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को षटतिला एकादशी कहा जाता है। इस व्रत को करने से जीवन के दुख और संकट दूर होते हैं तथा भगवान विष्णु की कृपा बनी रहती है।

Shattila Ekadashi 2026

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जनवरी 13, 2026

Shattila Ekadashi 2026: सनातन धर्म में कई सारे व्रत त्योहार पड़ते हैं और सभी का अपना महत्व भी होता है। लेकिन एकादशी व्रत को बेहद ही खास माना गया है, जो कि भगवान विष्णु की पूजा अर्चना को समर्पित है। इस दिन भक्त भगवान विष्णु की विधिवत पूजा करते हैं ओर व्रत आदि भी रखते हैं। माना जाता है कि इस दिन श्री हरि विष्णु की पूजा अर्चना करने से सभी तरह के दुखों का निवारण हो जाता है, और जीवन में सुख समृद्धि और शांति बनी रहती है। पंचांग के अनुसार अभी माघ का महीना चल रहा है और इस माह पड़ने वाली एकादशी को षटतिला एकादशी के नाम से जाना जाता है। ऐसे में हम आपको एकादशी की तारीख और पूजा का शुभ मुहूर्त बता रहे हैं तो आइए जानते हैं।

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एकादशी की तारीख और मुहूर्त

Shattila Ekadashi 2026
एकादशी पर क्या है पूजा का श्रेष्ठ मुहूर्त?

हिंदू पंचांग के अनुसार षटतिला एकादशी 14 जनवरी यानी कल मनाई जाएगी। माघ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ 13 जनवरी को दोपहर 3 बजकर 17 मिनट से हो रहा है। और इसका समापन 14 जनवरी को शाम 5 बजकर 52 मिनट पर हो जाएगा।

षटतिला एकादशी व्रत पारण का समय

एकादशी व्रत का पारण अगले दिन यानी द्वादशी तिथि को करना शुभ माना जाता है। ऐसे में षटतिला एकादशी व्रत का पारण करने का समय 15 जनवरी को सुबह 7 बजकर 15 मिनट से 9 बजकर 21 मिनट तक है। इस दौरान किसी भी समय जातक अपने व्रत का पारण कर सकता है।

षटतिला एकादशी पारण​ विधि

आपको बता दें कि पारण वाले दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करें। इसके बाद साफ वस्त्रों को धारण करें और घर और मंदिर की अच्छी तरह साफ सफाई करें। अब देसी घी का दीपक जलाकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधिवत पूजा अर्चना करें। इसके बाद श्री हरि के मंत्रों का जाप करें और विष्णु चालीसा का पाठ जरूर करें। भगवान को सात्विक चीजों का भोग अर्पित करें। साथ ही इसमें तुलसी के पत्ते जरूर डालें। इसके बाद सभी को प्रसाद का वितरण करें और स्वयं भी इसे ग्रहण करें।

एकादशी पर जरूर करें इन चीजों का दान

Shattila Ekadashi 2026
एकादशी पर क्या है पूजा का श्रेष्ठ मुहूर्त?

बता दें कि षटतिला एकादशी के दिन मकर संक्रांति भी है, तो ऐसे में तिल का दान जरूर करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन तिल का दान करने से भगवान विष्णु और शनि देव की विशेष कृपा बरसती है। इसके अलावा आप एकादशी पर धन, वस्त्र और अन्य चीजों का दान कर भी पुण्य की प्राप्ति कर सकते हैं। ऐसा करने से जीवन की सभी परेशानियों का निवारण हो जाता है और जगत के पालनहार की कृपा बरसती है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां पौराणिक कथाओं,धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। खबर में दी जानकारी पर विश्वास व्यक्ति की अपनी सूझ-बूझ और विवेक पर निर्भर करता है। प्राइम टीवी इंडिया इस पर दावा नहीं करता है ना ही किसी बात पर सत्यता का प्रमाण देता है।