Shashi Tharoor: शशि थरूर का दुनिया को आगाह “अब अंतरराष्ट्रीय कानून नहीं, केवल ‘जंगल राज’ का बोलबाला है”

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने वैश्विक राजनीति में 'जंगल राज' हावी होने पर चिंता जताई है। वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए थरूर ने कहा कि अब अंतरराष्ट्रीय कानून और यूएन चार्टर केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं। आज की दुनिया में 'ताकत ही अधिकार' का सिद्धांत नियमों पर भारी पड़ रहा है।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जनवरी 4, 2026

Shashi Tharoor: कांग्रेस सांसद और पूर्व राजनयिक शशि थरूर ने वर्तमान विश्व राजनीति की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने वेनेजुएला में हालिया अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के संदर्भ में वैश्विक नियमों की अनदेखी पर तीखा प्रहार किया है। थरूर का मानना है कि अब दुनिया ‘जंगल राज’ की ओर बढ़ रही है जहाँ नियमों के बजाय केवल शक्ति का बोलबाला है।

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क्या अब केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं वैश्विक नियम?

बताते चले कि, शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय राजनीति के गिरते स्तर पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि बीते कुछ वर्षों से अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर को लगातार हाशिए पर धकेला जा रहा है। थरूर के अनुसार, इन वैश्विक संधियों का महत्व अब केवल कागजों तक सिमट गया है और वास्तविक वैश्विक व्यवस्था में इनका कोई सम्मान नहीं रह गया है। उन्होंने इसे वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए एक अत्यंत खतरनाक संकेत बताया है।

‘ताकत ही सही’ का सिद्धांत

वरिष्ठ राजनयिक थरूर ने वर्तमान परिस्थितियों को ‘जंगल राज’ की संज्ञा देते हुए कहा कि आज की दुनिया में ‘जिसकी लाठी उसकी भैंस’ यानी ‘ताकत ही सही’ का सिद्धांत हावी हो गया है। लेखक कपिल कोमिरेड्डी की पोस्ट का जवाब देते हुए थरूर ने स्पष्ट किया कि शक्तिशाली देश अपने संकीर्ण हितों को साधने के लिए अंतरराष्ट्रीय नियमों की धज्जियां उड़ाने से नहीं हिचकते। उन्होंने वैश्विक राजनीति में दोहरे मानदंडों और शक्तिशाली राष्ट्रों की मनमानी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई

इस तीखी टिप्पणी की मुख्य वजह शनिवार को वेनेजुएला में हुई अमेरिका की बड़ी सैन्य कार्रवाई है। अमेरिका ने बड़े पैमाने पर बमबारी करते हुए वेनेजुएला के वामपंथी नेता निकोलस मादुरो को सत्ता से बेदखल कर दिया। अमेरिकी बलों ने मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लेकर न्यूयॉर्क पहुँचाया, जहां उन पर ड्रग तस्करी और अवैध हथियारों से जुड़े गंभीर मुकदमे चलाए जाएंगे। गौरतलब है कि अमेरिका ने मादुरो पर 50 मिलियन डॉलर का इनाम पहले ही घोषित कर रखा था।

डोनाल्ड ट्रंप का आक्रामक रुख

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरे सैन्य ऑपरेशन को एक मनोरंजन कार्यक्रम की तरह पेश किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर मादुरो की आंखों पर पट्टी बंधी और हथकड़ी लगी तस्वीरें साझा करते हुए दावा किया कि उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को फ्लोरिडा स्थित अपने मार-ए-लागो एस्टेट से लाइव देखा। ट्रंप का यह अंदाज वैश्विक नेताओं के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसे कई विश्लेषक कूटनीतिक मर्यादाओं के खिलाफ मान रहे हैं।

मारिया मचाडो की मांग और ट्रंप की दो टूक प्रतिक्रिया

वेनेजुएला की विपक्षी नेता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरिना मचाडो ने इस सैन्य तख्तापलट को ‘आजादी का क्षण’ बताया है। उन्होंने मांग की है कि 2024 के चुनावों के आधार पर विपक्षी उम्मीदवार को तुरंत राष्ट्रपति पद की कमान सौंपी जाए। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने मचाडो की भूमिका को लेकर असहमति जताई और स्पष्ट कहा कि उन्हें वेनेजुएला में पर्याप्त जनसमर्थन हासिल नहीं है, जिससे देश के भविष्य के नेतृत्व पर अनिश्चितता के बादल छा गए हैं।

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