Shashi Tharoor Meeting: नई दिल्ली में कांग्रेस के भीतर कथित मतभेदों की चर्चा के बीच वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने गुरुवार को पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। यह बैठक संसद भवन स्थित खरगे के कार्यालय में हुई, जहां तीनों नेताओं के बीच राजनीतिक हालात और संगठन से जुड़े मुद्दों पर बातचीत हुई।यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब हाल ही में केरल विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर बुलाई गई अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (AICC) की अहम बैठक में शशि थरूर शामिल नहीं हुए थे। इस गैरमौजूदगी के बाद पार्टी के भीतर उनके और हाईकमान के बीच मतभेद की चर्चाएं तेज हो गई थीं।
केरल लिटरेचर फेस्टिवल का दिया था हवाला
शशि थरूर ने AICC बैठक में शामिल न होने को लेकर पहले ही सफाई दी थी। उन्होंने कहा था कि उन्होंने पार्टी नेतृत्व को पहले ही सूचित कर दिया था कि वे उस दिन केरल लिटरेचर फेस्टिवल में शामिल होने वाले हैं। इस साहित्यिक आयोजन में वे अपनी नई किताब ‘श्री नारायण गुरु’ पर बोलने पहुंचे थे।राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात के बाद शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा की। उन्होंने इस चर्चा को “गर्मजोशी भरी और सार्थक” बताया और दोनों नेताओं का धन्यवाद किया। थरूर ने लिखा कि कांग्रेस नेतृत्व और वे सभी भारत की जनता की सेवा के लिए एकजुट होकर आगे बढ़ रहे हैं।
एक तस्वीर से दिया एकजुटता का संकेत
थरूर ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के साथ एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें वे राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के साथ बैठे नजर आ रहे हैं। इस तस्वीर को पार्टी के भीतर एकजुटता और संवाद के सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे मतभेदों की अटकलों पर कुछ हद तक विराम लगा।24 जनवरी को शशि थरूर ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था कि उनके और पार्टी के बीच कुछ “मसले” हैं। उन्होंने कहा था कि वे इन मुद्दों पर पार्टी नेतृत्व से निजी तौर पर चर्चा करना चाहते हैं। हालांकि, उन्होंने साफ किया था कि वे इन बातों को सार्वजनिक मंच पर उठाना उचित नहीं समझते।
मीडिया रिपोर्ट्स पर दी थी संतुलित प्रतिक्रिया
थरूर ने यह भी कहा था कि बैठक में गैरहाजिरी को लेकर मीडिया में आई कुछ रिपोर्ट्स सही हो सकती हैं, जबकि कुछ नहीं। उन्होंने इस तरह की चर्चाओं को सार्वजनिक बहस का विषय बनाने से बचने की सलाह दी थी और आंतरिक संवाद पर जोर दिया था।कांग्रेस हाईकमान के साथ थरूर के कथित मतभेदों की चर्चा तब तेज हुई थी जब 19 जनवरी को केरल के कोच्चि में आयोजित पार्टी की ‘महापंचायत’ में एक घटना सामने आई। उस कार्यक्रम में राहुल गांधी के पहुंचने के समय थरूर मंच से संबोधन दे रहे थे।
राहुल गांधी के व्यवहार से थरूर हुए थे आहत
बताया गया कि राहुल गांधी ने मंच पर मौजूद कई नेताओं का अभिवादन किया, लेकिन शशि थरूर का नाम नहीं लिया। इस घटना से थरूर को कथित तौर पर गहरा अपमान महसूस हुआ, क्योंकि वे वहां मौजूद थे और लंबे समय से पार्टी का अहम चेहरा रहे हैं।गुरुवार की मुलाकात को कांग्रेस के भीतर संवाद और मतभेद सुलझाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि पार्टी नेतृत्व आंतरिक मुद्दों को बातचीत के जरिए सुलझाने और संगठनात्मक एकता बनाए रखने पर जोर दे रहा है।









