Share Market Update: शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को वैश्विक स्तर पर छाई अनिश्चितता और एशियाई बाजारों में मची उथल-पुथल के बीच भारतीय शेयर बाजार ने अद्भुत मजबूती का परिचय दिया है। जहां दुनिया भर के प्रमुख बाजारों में बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है, वहीं भारतीय बाजार हरे निशान के साथ दिन की शुरुआत करने में सफल रहे।
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सेंसेक्स और निफ्टी की सकारात्मक शुरुआत
आज सुबह बाजार खुलते ही निवेशकों का उत्साह देखने को मिला। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का प्रमुख सूचकांक ‘निफ्टी 50’ लगभग 54 अंकों की बढ़त के साथ 24,127 के स्तर पर खुला। इसी प्रकार, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सूचकांक ‘सेंसेक्स’ भी 183 अंकों की तेजी के साथ 77,370 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद भारतीय बाजार में यह तेजी निवेशकों के भरोसे को दर्शाती है।
एशियाई और अमेरिकी बाजारों में बिकवाली का हाहाकार
भारतीय बाजार के विपरीत, वैश्विक बाजारों का मिजाज काफी सुस्त है। एशियाई बाजारों में लगातार दूसरे दिन भारी गिरावट देखी गई। जापान का ‘निक्केई 225’ सूचकांक 4% से अधिक टूट गया, जिसका मुख्य कारण वॉल स्ट्रीट (अमेरिका) के नैस्डैक में आई गिरावट का असर है। इसके अलावा, जापान का ‘टॉपिक्स’ इंडेक्स भी 2% नीचे रहा, और चीनी बाजारों में भी सुस्ती का माहौल बना हुआ है।
अमेरिकी शेयर बाजार की बात करें तो वहां स्थिति और भी तनावपूर्ण है। गुरुवार को टेक शेयरों में हुई भारी बिकवाली के बाद, शुक्रवार को भी यूएस स्टॉक फ्यूचर्स दबाव में हैं। ‘डाऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज’ फ्यूचर्स में 0.32% की गिरावट है, जबकि ‘नैस्डैक-100 फ्यूचर्स’ 0.76% नीचे कारोबार कर रहे हैं। सेमीकंडक्टर सेक्टर में बिकवाली का असर पूरे बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है।
क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतें और डॉलर की स्थिति
बाजार पर एक अन्य बड़ा दबाव कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों से है। ब्रेंट क्रूड 1.32% की बढ़त के साथ 85.34 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है, और ‘वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट’ (WTI) भी 80 डॉलर के पार निकल गया है। इस सप्ताह कच्चे तेल में लगभग 12% की वृद्धि दर्ज की गई है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक चिंता का विषय बनी हुई है।
वहीं, मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) 100.74 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। डॉलर की मजबूती का सीधा असर अन्य मुद्राओं पर पड़ रहा है। भारतीय रुपये की बात करें तो, 16 जुलाई को रुपया डॉलर के मुकाबले 96.35 पर बंद हुआ था।
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