Share Market Today: आज, मंगलवार 24 जून 2026 को भारतीय शेयर बाजार ने एक बार फिर अपनी मजबूती का परिचय दिया है। सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन बाजार की शुरुआत भले ही संभलकर हुई हो, लेकिन जल्द ही खरीदारी के भारी दबाव के चलते सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी (Nifty) दोनों ने हरे निशान में अपनी जगह पक्की कर ली। बाजार के इस सकारात्मक रुख ने निवेशकों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी है।
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Sensex और Nifty में जबरदस्त तेजी
कारोबार की शुरुआत के साथ ही बाजार में उत्साह का माहौल दिखा। सेंसेक्स में 300 अंकों से अधिक का उछाल दर्ज किया गया, जिससे यह 76,514.79 के स्तर पर जा पहुंचा। वहीं, निफ्टी ने भी अपनी रफ्तार बरकरार रखते हुए 70 अंकों की बढ़त के साथ 23,895.30 के स्तर को पार किया। बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर की दिग्गज कंपनियों में हुई चौतरफा खरीदारी ने बाजार को नई ऊंचाई प्रदान की है।
तेजी के पीछे के प्रमुख कारण
बाजार में आई इस तेजी के पीछे कई महत्वपूर्ण कारक जिम्मेदार हैं:
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी: अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव 77 डॉलर प्रति बैरल के नीचे बना हुआ है। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए यह एक बड़ी राहत है, क्योंकि इससे कंपनियों की इनपुट लागत (input cost) कम होती है और महंगाई पर काबू पाने में मदद मिलती है।
वैश्विक संकेतों का सकारात्मक असर: विदेशी बाजारों से मिले पॉजिटिव संकेतों ने भारतीय निवेशकों का मनोबल बढ़ाया है।
संस्थागत खरीदारी: बैंकिंग और आईटी सेक्टर के दिग्गज शेयरों, जैसे एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, इन्फोसिस और टीसीएस में हुई भारी खरीदारी ने इंडेक्स को मजबूती दी।
किन सेक्टर्स में दिखा सबसे ज्यादा दम?
आज के कारोबार में बैंकिंग सेक्टर सबसे आगे रहा। आईटी और ऑटो शेयरों में भी निवेशकों ने गहरी दिलचस्पी दिखाई है। इसके अलावा, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी रौनक देखी गई है, जो यह दर्शाता है कि बाजार का दायरा (Market Breadth) काफी मजबूत बना हुआ है। पेंट, एविएशन और एफएमसीजी (FMCG) जैसे सेक्टर भी कच्चे तेल में गिरावट का लाभ उठाते हुए तेजी के साथ कारोबार कर रहे हैं।
दिनभर रह सकती है बाजार में हलचल
हालांकि शुरुआती कारोबार उत्साहजनक रहा है, लेकिन दिन भर की चाल को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि सतर्क रहने की जरूरत है। बाजार की दिशा तय करने में कच्चे तेल की कीमतों के अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की गतिविधियों और वैश्विक स्तर पर होने वाली हलचल का बड़ा हाथ रहेगा।










