Share Market Today: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को कारोबार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में नजर आए। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बीच घरेलू बाजार में भी बिकवाली का दबाव देखने को मिला। निवेशकों की नजर अब आगे के कारोबार में बाजार की दिशा और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर बनी हुई है।
सेंसेक्स में 200 अंकों से ज्यादा की गिरावट
कारोबार शुरू होते ही बीएसई सेंसेक्स में करीब 204 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 0.27 फीसदी फिसलकर 72,439.20 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार खुलने के शुरुआती मिनटों में ही प्रमुख शेयरों में दबाव दिखाई दिया, जिसका असर पूरे इंडेक्स पर पड़ा। निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल रहने से बाजार में खरीदारी की तुलना में बिकवाली का रुख ज्यादा मजबूत नजर आया। हालांकि, शुरुआती गिरावट के बाद बाजार किस दिशा में आगे बढ़ेगा, यह कारोबार के दौरान वैश्विक संकेतों और घरेलू गतिविधियों पर निर्भर करेगा।
निफ्टी 50 भी दबाव में
दूसरी ओर, एनएसई निफ्टी 50 ने भी कमजोरी के साथ कारोबार की शुरुआत की। निफ्टी 50 करीब 69.35 अंक यानी 0.31 फीसदी की गिरावट के साथ 22,533.70 के स्तर पर आ गया। इस गिरावट के साथ निफ्टी 22,600 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे चला गया। बाजार में निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि निफ्टी दिन के कारोबार में इस स्तर के आसपास अपनी स्थिति बनाए रख पाता है या फिर दबाव और बढ़ता है।
एशियाई बाजारों से भी मिले कमजोर संकेत

भारतीय बाजार पर एशियाई शेयर बाजारों की कमजोरी का भी असर दिखाई दिया। गुरुवार को एशिया के कई प्रमुख बाजार गिरावट के साथ खुले। जापान का निक्केई 225 करीब 0.4 फीसदी नीचे रहा। वहीं दक्षिण कोरिया का कोस्पी लगभग 0.35 फीसदी फिसला। ऑस्ट्रेलिया के एसएंडपी/एएसएक्स 200 इंडेक्स में भी करीब 0.4 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। वैश्विक बाजारों में कमजोरी का असर अक्सर भारतीय बाजार की शुरुआती धारणा पर पड़ता है। ऐसे में घरेलू निवेशकों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों की गतिविधियां भी महत्वपूर्ण बनी हुई हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
इस बीच कच्चे तेल के दामों में बढ़ोतरी भी बाजार के लिए अहम संकेत है। 8 अक्टूबर को ब्रेंट क्रूड की कीमत में करीब 1.35 फीसदी की तेजी दर्ज की गई और यह बढ़कर 101.55 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। वहीं अमेरिकी क्रूड की कीमत भी लगभग 1.2 फीसदी बढ़कर 89.42 डॉलर प्रति बैरल हो गई। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर आयात लागत और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई क्षेत्रों पर पड़ सकता है।
निवेशकों की नजर आगे के कारोबार पर

शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी की कमजोरी के बाद अब निवेशकों की नजर बाजार की आगे की चाल पर है। वैश्विक संकेत, एशियाई बाजारों का रुख और कच्चे तेल की कीमतें बाजार की दिशा को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक बने हुए हैं। फिलहाल शेयर बाजार में सतर्कता का माहौल है और निवेशक आगे आने वाले संकेतों के आधार पर अपनी रणनीति तय कर सकते हैं।
Nana Patekar Death: ढाई बजे दोस्त को मैसेज, सुबह घर में मिले बेहोश…










