Share Market Today: 22 अप्रैल 2026 को वैश्विक शेयर बाजारों में अनिश्चितता का माहौल देखने को मिल रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर बातचीत टलने का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर पड़ा है। इसी वजह से निवेशकों के बीच सतर्कता बढ़ी है और जोखिम लेने की प्रवृत्ति कम हुई है।
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अमेरिकी बाजारों में गिरावट का दबाव
अमेरिकी शेयर बाजारों में पिछले सत्र में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि बाद में कुछ रिकवरी देखने को मिली, लेकिन कुल मिलाकर बाजार कमजोर बंद हुए। फ्यूचर्स मार्केट में हल्की तेजी जरूर दिख रही है, लेकिन यह स्थिरता का संकेत नहीं माना जा रहा। निवेशक अभी भी वैश्विक घटनाओं को लेकर असमंजस में हैं।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार

एशिया के प्रमुख बाजारों में आज अलग-अलग रुख देखने को मिल रहा है। Nikkei 225 और Taiwan Weighted Index में मजबूती बनी हुई है, जबकि Hang Seng Index में 1% से अधिक गिरावट दर्ज की गई है। इसके अलावा KOSPI और Straits Times Index में सीमित उतार-चढ़ाव देखा गया। वहीं Shanghai Composite Index लगभग सपाट कारोबार कर रहा है। कुल मिलाकर एशियाई बाजारों में निवेशक फिलहाल सतर्क स्थिति में हैं।
GIFT Nifty में गिरावट
भारतीय शेयर बाजार के लिए शुरुआती संकेत कमजोर नजर आ रहे हैं। GIFT Nifty में 100 अंक से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। इससे संकेत मिल रहा है कि आज भारतीय बाजारों में, खासकर NIFTY 50 और BSE SENSEX में गैप-डाउन ओपनिंग हो सकती है।
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यूरोपीय बाजारों में बिकवाली का दबाव
यूरोप के प्रमुख बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली है। FTSE 100 1% से अधिक गिरावट के साथ बंद हुआ। वहीं CAC 40 और DAX में भी दबाव बना रहा। इससे साफ है कि वैश्विक निवेशक फिलहाल डिफेंसिव मूड में हैं।
कमोडिटी मार्केट में मिला-जुला रुख
कमोडिटी बाजार में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। कच्चे तेल के दामों में हल्की गिरावट आई है, जबकि ब्रेंट क्रूड लगभग 98 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा है। दूसरी ओर, सोने की कीमतों में 0.69% की बढ़त दर्ज की गई है, जो यह संकेत देती है कि निवेशक सुरक्षित निवेश (safe haven) की ओर बढ़ रहे हैं।
डॉलर इंडेक्स स्थिर, करेंसी मार्केट शांत

डॉलर इंडेक्स में फिलहाल कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया है और यह लगभग स्थिर बना हुआ है। इससे यह संकेत मिलता है कि करेंसी बाजार में अभी किसी बड़े झटके की स्थिति नहीं है।
निवेशकों के लिए सतर्कता जरूरी
कुल मिलाकर वैश्विक बाजारों का रुख कमजोर और अस्थिर बना हुआ है। अमेरिका और यूरोप की कमजोरी, एशिया में अनिश्चितता और GIFT Nifty में गिरावट यह संकेत दे रहे हैं कि भारतीय बाजारों में दबाव देखने को मिल सकता है। ऐसे माहौल में निवेशकों के लिए सावधानी और रणनीतिक निवेश बेहद जरूरी है।
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