Share Market Today: क्या आज संभलेगा बाजार? गिरावट के बाद तेजी के आसार

शेयर बाजार में हालिया गिरावट के बाद निवेशकों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या आज बाजार संभल पाएगा या फिर गिरावट का सिलसिला जारी रहेगा, किन संकेतों पर नजर रखनी चाहिए और एक्सपर्ट्स क्या कह रहे हैं, जानिए पूरी रिपोर्ट विस्तार से

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

मार्च 20, 2026

Share Market Today: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को तेज गिरावट देखने को मिली, जिसने पिछले तीन दिनों की तेजी पर ब्रेक लगा दिया। सेंसेक्स करीब 2,496 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ 74,207 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 775 अंक टूटकर 23,002 के स्तर पर आ गया। इस गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी थी, लेकिन अब शुक्रवार को कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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आज बाजार को मिल सकता है सहारा

विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया गिरावट के बाद बाजार में शॉर्ट कवरिंग देखने को मिल सकती है, जो रिकवरी का कारण बन सकती है। गिफ्ट निफ्टी लगभग 23,177 के स्तर पर कारोबार कर रहा है और इसमें करीब 120 अंकों का प्रीमियम दिख रहा है। यह संकेत देता है कि आज बाजार सकारात्मक शुरुआत कर सकता है। हालांकि, निवेशकों को अभी भी सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है क्योंकि वैश्विक परिस्थितियां पूरी तरह स्थिर नहीं हैं।

एशियाई बाजारों का मिला-जुला रुख

एशियाई शेयर बाजारों से मिश्रित संकेत मिल रहे हैं। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स करीब 1% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है और कोसडैक में भी लगभग 0.94% की तेजी देखी गई है। वहीं जापान के बाजार बंद हैं और हांगकांग के बाजार में कमजोरी के संकेत मिल रहे हैं। इससे यह स्पष्ट है कि वैश्विक बाजारों में एकरूपता की कमी है।

अमेरिकी बाजारों में कमजोरी

गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में भी गिरावट दर्ज की गई। डॉव जोन्स इंडेक्स में 0.44% की गिरावट आई, जबकि S&P 500 में 0.27% और नैस्डैक में 0.28% की कमजोरी रही। अमेरिकी बाजारों का यह रुख भारतीय बाजार की चाल पर भी असर डाल सकता है।

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भू-राजनीतिक तनाव बना चिंता का कारण

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों की चिंता बढ़ा दी है। ईरान द्वारा ऊर्जा ठिकानों पर हमले तेज किए जाने और अमेरिका की सख्त प्रतिक्रिया की चेतावनी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। इजरायल का कड़ा रुख भी इस तनाव को बढ़ा रहा है। इस परिस्थिति का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों और महंगाई पर पड़ सकता है।

केंद्रीय बैंकों की सख्त नीतियां

केंद्रीय बैंकों की सख्त नीतियां
केंद्रीय बैंकों की सख्त नीतियां

वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंक अभी भी सख्त मौद्रिक नीति अपनाए हुए हैं। यूरोपीय सेंट्रल बैंक ने ब्याज दरें 2% पर स्थिर रखी हैं, जबकि बैंक ऑफ इंग्लैंड ने 3.75% पर दरों को बनाए रखा है। चीन ने भी अपनी लोन दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। इससे यह संकेत मिलता है कि महंगाई को नियंत्रित करने के लिए सख्ती जारी रहेगी।

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कमोडिटी बाजार में उतार-चढ़ाव

तेल और सोने की कीमतों में भी अस्थिरता बनी हुई है। ब्रेंट क्रूड करीब 107 डॉलर प्रति बैरल और WTI लगभग 93 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। वहीं सोने की कीमतों में इस सप्ताह करीब 8% की गिरावट दर्ज की गई है, जो पिछले छह वर्षों की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट मानी जा रही है।

Disclaimer: इस लेख में दी गई सोना और चांदी की कीमतें विभिन्न स्रोतों और बाजार रिपोर्ट्स पर आधारित हैं, जो समय के साथ बदल सकती हैं। वास्तविक दरें शहर, ज्वेलर, टैक्स और अन्य शुल्कों के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं।