Share Market Today: कच्चे तेल की आग में झुलसा बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी में भारी गिरावट से निवेशकों को बड़ा झटका

भारत और इंग्लैंड के बीच पहले वनडे मुकाबले से पहले सबसे बड़ा सवाल एजबेस्टन की पिच को लेकर है। क्या यहां बल्लेबाजों का तूफान देखने को मिलेगा या गेंदबाज मैच पर हावी रहेंगे? टीम इंडिया की रणनीति, पिच की स्थिति और मैच के अहम पहलुओं की पूरी जानकारी यहां जानिए।

सेंसेक्स-निफ्टी में भारी गिरावट से निवेशकों को बड़ा झटका

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जुलाई 14, 2026

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Share Market Today: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर एक बार फिर वैश्विक वित्तीय बाजारों पर दिखाई दिया। भू-राजनीतिक अनिश्चितता के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया और ब्रेंट क्रूड का भाव 80 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया। तेल की कीमतों में इस तेजी से एशियाई शेयर बाजारों में कमजोरी देखने को मिली, जिसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा।

घरेलू बाजार ने मंगलवार के कारोबार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ की। शुरुआती सत्र में ही सेंसेक्स 500 अंकों से ज्यादा फिसल गया, जबकि निफ्टी 50 गिरकर करीब 24,050 के स्तर तक पहुंच गया। बाजार में बिकवाली का दबाव केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी कमजोरी नजर आई।

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निवेशकों की संपत्ति 

शेयर बाजार में अचानक आई गिरावट से निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। शुरुआती कारोबार में ही बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।

13 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 4,81,59,666.72 करोड़ रुपये था, जो 14 जुलाई 2026 को घटकर 4,80,45,121.51 करोड़ रुपये रह गया। यानी एक ही कारोबारी सत्र में निवेशकों की कुल संपत्ति में करीब 1,14,545.21 करोड़ रुपये की कमी आई।

सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट

सुबह करीब 9:20 बजे सेंसेक्स 397.08 अंक यानी 0.51 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,219.32 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 50 भी 99.80 अंक यानी 0.41 प्रतिशत टूटकर 24,111.20 के स्तर पर आ गया। हालांकि शुरुआती कारोबार में गिरावट और ज्यादा गहरी रही। सेंसेक्स इंट्रा-डे में 552.99 अंक गिरकर 77,063.41 तक पहुंच गया, जबकि निफ्टी 160.45 अंक फिसलकर 24,050.55 के निचले स्तर पर आ गया।

ऑटो, बैंकिंग और रियल्टी शेयरों पर ज्यादा दबाव

सेक्टर के हिसाब से देखें तो आईटी शेयरों में हल्की मजबूती देखने को मिली, लेकिन ऑटो, निजी बैंक और रियल्टी सेक्टर में बिकवाली का दबाव ज्यादा रहा। इन सेक्टरों के प्रमुख इंडेक्स आधे प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। बाजार में कमजोरी का असर व्यापक स्तर पर भी दिखा। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में भी गिरावट दर्ज की गई, हालांकि इनकी गिरावट बड़े इंडेक्स के मुकाबले थोड़ी सीमित रही।

सेंसेक्स के ज्यादातर शेयर लाल निशान में

सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से केवल 8 शेयर ही बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। टाटा स्टील, इंफोसिस और टीसीएस जैसे शेयरों में मजबूती देखने को मिली। दूसरी ओर एचसीएल टेक्नोलॉजीज, इंडिगो और बजाज फाइनेंस जैसे शेयरों पर बिकवाली का दबाव रहा।

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बाजार में मिले-जुले संकेत

बीएसई पर कुल 2617 शेयरों में कारोबार हो रहा था। इनमें से 988 शेयरों में तेजी रही, जबकि 1452 शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। करीब 177 शेयरों में ज्यादा बदलाव नहीं देखा गया। वहीं, 48 शेयर अपने एक साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए, जबकि 14 शेयर साल के निचले स्तर पर आ गए। इसके अलावा 49 शेयर अपर सर्किट और 57 शेयर लोअर सर्किट पर पहुंच गए।

कुल मिलाकर, अंतरराष्ट्रीय तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी बाजारों में कमजोरी के कारण भारतीय शेयर बाजार में दबाव बना हुआ है। निवेशकों की नजर अब वैश्विक घटनाक्रम और आने वाले कारोबारी संकेतों पर रहेगी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। 

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