Share Market Today: बाजार में बड़ा अंतर! एशियाई शेयर टूटे, जानें भारतीय मार्केट का हाल

Share Market Today: एशियाई बाजारों में भारी गिरावट के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती दिखाई। सेंसेक्स और निफ्टी ने हरे निशान पर कारोबार शुरू किया। आखिर विदेशी बाजारों की कमजोरी के बीच भारतीय मार्केट क्यों मजबूत रहा? जानिए ग्लोबल संकेत, निवेशकों की रणनीति और बाजार की पूरी तस्वीर।

बाजार में बड़ा अंतर! एशियाई शेयर टूटे

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जुलाई 28, 2026

Share Market Today: भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार 28 जुलाई 2026 को वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बावजूद मजबूती के साथ शुरुआत की। एशियाई बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिल रही है, लेकिन घरेलू बाजार शुरुआती कारोबार में हरे निशान पर बना हुआ है। सोमवार को शानदार रिकवरी के बाद मंगलवार को बाजार में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं दिखा। सेंसेक्स पिछले सत्र की 776 अंकों की तेजी के बाद 76,835 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है। वहीं, निफ्टी 50 इंडेक्स 23,950 से 23,990 के बीच सीमित दायरे में नजर आया।

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एशियाई बाजारों में भारी गिरावट

जहां भारतीय बाजार ने मजबूती दिखाई, वहीं मंगलवार को ज्यादातर एशियाई बाजार दबाव में रहे। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने तथा कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद एशियाई बाजारों में बड़ी बिकवाली देखने को मिली। दक्षिण कोरिया का प्रमुख शेयर इंडेक्स KOSPI सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ। इसमें 7.41 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई और यह तीन महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया। इसके अलावा जापान के निक्केई 225 इंडेक्स में 4.14 प्रतिशत और टॉपिक्स इंडेक्स में 2.91 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली।

हांगकांग का हैंग सेंग फ्यूचर्स पिछली क्लोजिंग के मुकाबले बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया। बाजार में इस गिरावट की बड़ी वजह वैश्विक सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में जारी बिकवाली को माना जा रहा है।

अमेरिकी बाजारों पर भी दबाव

अमेरिकी शेयर बाजार के फ्यूचर्स में मंगलवार सुबह कमजोरी देखने को मिली। निवेशक बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों से जुड़े फैसलों का इंतजार कर रहे हैं। डॉऊ जोन्स फ्यूचर्स में करीब 0.08 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, S&P 500 फ्यूचर्स में 0.09 प्रतिशत और नैस्डैक 100 फ्यूचर्स में 0.34 प्रतिशत की कमजोरी रही। इससे पहले सोमवार को वॉल स्ट्रीट में मिला-जुला रुख देखने को मिला था। अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव में कमी तथा तेल कीमतों में गिरावट से डॉऊ जोन्स को मजबूती मिली। यह 262.83 अंक यानी 0.51 प्रतिशत की बढ़त के साथ 52,210.08 पर बंद हुआ।

वहीं, टेक और सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में बिकवाली के कारण नैस्डैक कंपोजिट 0.18 प्रतिशत गिरकर 24,932.08 पर बंद हुआ। S&P 500 इंडेक्स में भी मामूली 0.02 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट जारी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में गिरावट का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा। WTI क्रूड फ्यूचर्स करीब 0.98 प्रतिशत गिरकर 81.80 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स में 0.70 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 87.74 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। तेल की कीमतें 90 डॉलर के महत्वपूर्ण स्तर से काफी नीचे बनी हुई हैं। COMEX बाजार में भी क्रूड की कीमतों में कमजोरी रही और यह करीब 1.04 प्रतिशत गिरकर 81.74 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

डॉलर इंडेक्स में मामूली गिरावट

छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति बताने वाला डॉलर इंडेक्स (DXY) मंगलवार को मामूली गिरावट के साथ 101.50 के स्तर पर कारोबार करता रहा। हालांकि, इसमें हल्की कमजोरी आई है, लेकिन यह अभी भी पिछले एक महीने के उच्च स्तर के आसपास मजबूत बना हुआ है। डॉलर की चाल का असर वैश्विक बाजारों और निवेशकों की रणनीति पर पड़ सकता है।

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आज बाजार की दिशा तय करेंगे ये प्रमुख कारक

भारतीय शेयर बाजार की आगे की चाल वैश्विक बाजारों के प्रदर्शन, अमेरिकी आर्थिक संकेतों, फेडरल रिजर्व के फैसले, कंपनियों के तिमाही नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगी। निवेशक फिलहाल अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों और विदेशी बाजारों के रुख पर नजर बनाए हुए हैं।