Share Market Crash: कच्चे तेल में उबाल से शेयर बाजार पस्त, सेंसेक्स-निफ्टी में आई बड़ी गिरावट

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक बाजारों में दबाव के चलते भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों कमजोर रहे, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ी। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, महंगा कच्चा तेल और आर्थिक संकेतक बाजार की दिशा तय कर रहे हैं।

Share Market Crash

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 23, 2026

Share Market Crash: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार 23 जुलाई को कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। वैश्विक बाजारों में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिका-ईरान के बीच जारी संघर्ष के कारण निवेशकों में चिंता का माहौल देखने को मिला। बाजार खुलते ही चौतरफा बिकवाली का दबाव नजर आया। बीएसई का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 350.99 अंक की गिरावट के साथ खुला, जबकि एनएसई का निफ्टी 50 इंडेक्स भी 92.25 अंक नीचे कारोबार शुरू करने में सफल रहा।

सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में दिखी गिरावट

शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में शामिल कई बड़ी कंपनियों के शेयर दबाव में रहे। सबसे ज्यादा गिरावट इंडिगो के शेयरों में देखने को मिली, जिसमें करीब 1.60 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई। इसके अलावा दिग्गज आईटी कंपनी इन्फोसिस के शेयर 1.07 प्रतिशत तक टूट गए। टाटा स्टील में 0.97 प्रतिशत, बजाज फाइनेंस में 0.86 प्रतिशत और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयरों में 0.84 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।निवेशकों की नजर अब कंपनियों के तिमाही नतीजों और वैश्विक घटनाक्रमों पर बनी हुई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी और अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है।

एशियाई बाजारों में तेजी का रुख कायम

जहां भारतीय बाजार दबाव में नजर आए, वहीं एशिया के ज्यादातर प्रमुख बाजारों में तेजी देखने को मिली। जापान के निक्केई इंडेक्स में शुरुआती कारोबार के दौरान 0.55 प्रतिशत से 1.2 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई। सेमीकंडक्टर और चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में मजबूत खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया।दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 2.3 प्रतिशत से 3.4 प्रतिशत तक ऊपर पहुंच गया। वहीं, हांगकांग के हैंगसेंग इंडेक्स में करीब 0.6 प्रतिशत की तेजी रही। ऑस्ट्रेलिया के ASX 200 इंडेक्स में भी 0.72 प्रतिशत से 1.06 प्रतिशत तक की बढ़त देखने को मिली। हालांकि, चीन के शंघाई कम्पोजिट में मामूली 0.1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

अमेरिकी शेयर बाजार में मिला-जुला कारोबार

अमेरिकी शेयर बाजार में मंगलवार को कारोबार का रुख मिला-जुला रहा। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज लगभग स्थिर स्तर पर बंद हुआ। वहीं, एसएंडपी 500 इंडेक्स में 0.1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 7498.96 के स्तर पर बंद हुआ।टेक्नोलॉजी शेयरों में कमजोरी के चलते नैस्डेक कम्पोजिट इंडेक्स 0.6 प्रतिशत गिरकर 25690.90 के स्तर पर पहुंच गया। अमेरिकी निवेशक बड़ी टेक कंपनियों के आने वाले तिमाही परिणामों और बढ़ती तेल कीमतों को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं।

अमेरिका-ईरान तनाव से कच्चे तेल में उछाल

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा लाल सागर में टैंकरों पर हुए हमलों के कारण तेल बाजार में चिंता बढ़ गई है।ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत करीब 2 प्रतिशत बढ़कर 96.21 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। वहीं, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड में भी 1.7 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और यह 88.40 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। महंगे कच्चे तेल का असर भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों की अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार पर पड़ सकता है।

डॉलर मजबूत, रुपये पर दबाव बढ़ा

करेंसी बाजार में अमेरिकी डॉलर की मजबूती जारी रही। डॉलर इंडेक्स (DXY) 101.11 के स्तर पर बना हुआ है। दूसरी ओर, भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले थोड़ा कमजोर हुआ है।रुपये में करीब 0.09 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में 96.53 से 96.55 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में वैश्विक तनाव, तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भारतीय बाजार की दिशा तय करेंगी।

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