Shardiya Navratri 2026: हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्रि का पर्व बेहद पवित्र और विशेष माना जाता है। पूरे नौ दिनों तक चलने वाले इस पावन उत्सव में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की विधि-विधान के साथ आराधना की जाती है। इस दौरान देश के कोने-कोने में स्थित मंदिरों और पूजा-पंडालों में मां की भव्य प्रतिमाएं स्थापित होती हैं और पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है। इसके अलावा गरबा, डांडिया और धार्मिक अनुष्ठानों की धूम रहती है। ऐसी मान्यता है कि इन दिनों में देवी की उपासना और दान-पुण्य करने से जीवन के सारे कष्ट दूर होते हैं और घर में सुख, शांति तथा समृद्धि का वास होता है।
नवरात्रि की शुरुआत और कलश स्थापना का मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर की रात 9 बजकर 19 मिनट से शुरू होकर 11 अक्टूबर की रात 9 बजकर 30 मिनट तक रहेगी। सनातन परंपरा में उदयातिथि का विशेष महत्व होता है, जिसके चलते शारदीय नवरात्रि का आधिकारिक शुभारंभ 11 अक्टूबर 2026 से होगा।
इसी दिन मां शैलपुत्री की पूजा के साथ घटस्थापना यानी कलश स्थापना की जाएगी। पंचांग के मुताबिक, 11 अक्टूबर को घटस्थापना का सबसे उत्तम और शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 19 मिनट से लेकर सुबह 10 बजकर 12 मिनट तक रहेगा। यदि कोई इस समयावधि में कलश स्थापित न कर सके, तो वे दोपहर के अभिजीत मुहूर्त यानी सुबह 11 बजकर 44 मिनट से दोपहर 12 बजकर 31 मिनट के बीच भी यह अनुष्ठान कर सकते हैं।
क्या इस वर्ष नवरात्रि पूरे 9 दिनों की होगी?

भक्तों के मन में अक्सर यह असमंजस रहता है कि तिथियों के घटने या बढ़ने के कारण नवरात्रि कम या ज्यादा दिनों की तो नहीं होगी। आपको बता दें कि साल 2026 में शारदीय नवरात्रि पूरे नौ दिनों की होगी। इस वर्ष किसी भी तिथि का क्षय नहीं हुआ है, जिस कारण मां दुर्गा के सभी नौ स्वरूपों की पूजा अलग-अलग और पूर्ण तिथियों पर की जाएगी। पंचांग के अनुसार, 18 अक्टूबर को महाअष्टमी और 19 अक्टूबर को महानवमी का पर्व मनाया जाएगा। इन दोनों ही पावन तिथियों पर कन्या पूजन का विशेष विधान रहेगा।
शारदीय नवरात्रि का संपूर्ण कैलेंडर

11 अक्टूबर 2026: पहला दिन – घटस्थापना और मां शैलपुत्री पूजा
12 अक्टूबर 2026: दूसरा दिन – मां ब्रह्मचारिणी पूजा
13 अक्टूबर 2026: तीसरा दिन – मां चंद्रघंटा पूजा
14 अक्टूबर 2026: चौथा दिन – मां कूष्मांडा पूजा
15 अक्टूबर 2026: पांचवां दिन – मां स्कंदमाता पूजा
16 अक्टूबर 2026: छठा दिन – षष्ठी पूजा और मां कात्यायनी पूजा
17 अक्टूबर 2026: सातवां दिन – सप्तमी पूजा और मां कालरात्रि पूजा
18 अक्टूबर 2026: आठवां दिन – महाअष्टमी पूजा और कन्या पूजन
19 अक्टूबर 2026: नौवां दिन – महानवमी पूजा और कन्या पूजन
दशहरा 2026 कब है?

असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक विजयादशमी या दशहरा का पर्व नवरात्रि के ठीक अगले दिन मनाया जाता है। पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि 20 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट से शुरू होकर 21 अक्टूबर 2026 को दोपहर 2 बजकर 11 मिनट तक रहेगी। उदयातिथि और परंपरा के आधार पर दशहरा का यह महापर्व 20 अक्टूबर 2026 को ही मनाया जाएगा। इस दिन रावण दहन और शस्त्र पूजन के लिए सबसे उत्तम विजय मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 59 मिनट से दोपहर 2 बजकर 45 मिनट तक रहेगा।
Papankusha Ekadashi 2026: अक्टूबर में कब मनाई जाएगी पापांकुशा एकादशी? नोट करें दिन तारीख और शु
Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां पौराणिक कथाओं,धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। खबर में दी जानकारी पर विश्वास व्यक्ति की अपनी सूझ-बूझ और विवेक पर निर्भर करता है। प्राइम टीवी इंडिया इस पर दावा नहीं करता है ना ही किसी बात पर सत्यता का प्रमाण देता है।










