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Shankaracharya: प्रयागराज के माघ मेले में मौनी अमावस्या के अवसर पर ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को पालकी में स्नान से रोक दिए जाने के बाद विवाद तेज हो गया है। प्रशासन द्वारा शंकराचार्य पद की वैधता पर नोटिस जारी करने से यह मामला सिर्फ प्रशासनिक नहीं रहकर धार्मिक और राजनीतिक टकराव में बदल गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के “कलनेमी” बयान ने बहस को और उग्र कर दिया है, जबकि विपक्ष इसे आस्था पर प्रहार बता रहा है। संत समाज और राजनीति के बीच यह विवाद अब उत्तर प्रदेश की सियासत का एक बड़ा मुद्दा बन चुका है।











