Shabana Azmi: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में चल रहे ‘चलो संसद’ विरोध प्रदर्शन के दौरान एक बड़ी खबर सामने आई है। सोमवार को इस आंदोलन में अपनी मुखर उपस्थिति दर्ज कराने पहुंचीं दिग्गज अभिनेत्री और पूर्व राज्यसभा सांसद शबाना आजमी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। केरल भवन के पास धरने पर बैठीं शबाना आजमी को अचानक अस्वस्थ महसूस हुआ, जिसके बाद वहां मौजूद लोगों और सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उनकी मदद की। सोशल मीडिया पर इस घटना का एक वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें अभिनेत्री की कमजोरी साफ तौर पर देखी जा सकती है।
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सुरक्षा केबिन में ले जाकर बैठाया गया
सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि तबीयत बिगड़ने के बाद कुछ लोग शबाना आजमी का हाथ पकड़कर उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाने का प्रयास कर रहे हैं। इस दौरान भीड़ और सुरक्षा के बीच एक शख्स वहां मौजूद सिक्योरिटी गार्ड से गेट खोलने की गुहार लगाता नजर आता है। वीडियो में वह शख्स गार्ड से यह कहते हुए सुनाई देता है, “शबाना मैम हैं यार, पूर्व राज्यसभा सांसद हैं… पता नहीं है क्या इतना भी?”
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत गेट खोला जाता है और शबाना आजमी को सुरक्षित रूप से सिक्योरिटी केबिन के अंदर ले जाकर बैठाया जाता है ताकि उन्हें कुछ राहत मिल सके। हालांकि, उनकी अचानक तबीयत बिगड़ने के पीछे के सटीक कारणों या स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक चिकित्सा अपडेट या विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
‘हमारा हिंसा का कोई इरादा नहीं है’ – शबाना आजमी
तबीयत खराब होने से ठीक पहले, मार्च के दौरान मीडिया (PTI) से बातचीत करते हुए शबाना आजमी ने प्रदर्शनकारियों का पक्ष मजबूती से रखा था। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि इस विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों का हिंसा करने का दूर-दूर तक कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा था, “हम यहां पूरी तरह से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने आए हैं। यह लोकतांत्रिक अधिकार हमें देश के संविधान ने दिया है और महात्मा गांधी ने हमें हमेशा अहिंसा का मार्ग दिखाया है।”
इस दौरान जब मीडिया ने उनसे बॉलीवुड हस्तियों की गैरमौजूदगी को लेकर सवाल किया, तो वे काफी नाराज नजर आईं। उन्होंने पत्रकारों को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “आपको सिर्फ इस बात की चिंता है कि बॉलीवुड के लोग इस मार्च में क्यों शामिल नहीं हैं? आपको देश के बड़े उद्योगपतियों और कारोबारियों की गैरमौजूदगी की कोई चिंता नहीं है। इस तरह के बेतुके सवाल पूछकर आप लोग केवल असली मुद्दों से जनता का ध्यान भटका रहे हैं और अनावश्यक विवाद पैदा कर रहे हैं।” उन्होंने अपील की कि इस नेक और गंभीर उद्देश्य के लिए मार्च कर रहे आम लोगों और छात्रों का समर्थन किया जाए, न कि ऐसे सवाल पूछकर इस जरूरी आंदोलन के महत्व को कमजोर किया जाए।
प्रधानमंत्री को पत्र लिखने का किया था जिक्र
गौरतलब है कि इससे पहले रविवार को भी शबाना आजमी जंतर-मंतर पर पहुंची थीं, जहां उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके से मुलाकात की थी। जंतर-मंतर पर अपनी बात रखते हुए उन्होंने खुलासा किया था कि उन्होंने और प्रसिद्ध गीतकार जावेद अख्तर ने इस पूरे मामले को लेकर प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था।
उन्होंने कहा था, “हमने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि कृपया इस पर बातचीत शुरू कीजिए। हम इसे सार्वजनिक मुद्दा नहीं बनाना चाहते थे, लेकिन पूर्व राज्यसभा सदस्य होने के नाते जब लंबे समय तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो हमें मजबूरन सड़कों पर उतरना पड़ा।” बहरहाल, उनके स्वास्थ्य में सुधार की उम्मीद की जा रही है और इस आंदोलन से जुड़ी गतिविधियां लगातार राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
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