मोहसिना किदवई, कांग्रेस की वरिष्ठ नेता का दिल्ली में निधन, इंदिरा और राजीव से जुड़ा था खास रिश्ता

नई दिल्ली भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहसिना किदवई का बुधवार को 94 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रही थीं। उनके परिवार और दामाद रजी उर रहमान किदवई ने उनके निधन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मोहसिना किदवई ने बुधवार तड़के नोएडा के मेट्रो अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन से भारतीय राजनीतिक गलियारे, विशेषकर कांग्रेस पार्टी में शोक की लहर दौड़ गई है। परिवार ने बताया है कि उनके पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई (सुपुर्द-ए-खाक) देने की प्रक्रिया बुधवार शाम

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Published On :

अप्रैल 8, 2026

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नई दिल्ली

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहसिना किदवई का बुधवार को 94 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रही थीं। उनके परिवार और दामाद रजी उर रहमान किदवई ने उनके निधन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मोहसिना किदवई ने बुधवार तड़के नोएडा के मेट्रो अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन से भारतीय राजनीतिक गलियारे, विशेषकर कांग्रेस पार्टी में शोक की लहर दौड़ गई है।

परिवार ने बताया है कि उनके पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई (सुपुर्द-ए-खाक) देने की प्रक्रिया बुधवार शाम करीब 5 बजे दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित कब्रिस्तान में संपन्न की जाएगी।

एक प्रभावशाली राजनीतिक सफर
मोहसिना किदवई भारतीय राजनीति और कांग्रेस पार्टी का एक बेहद सम्मानित और प्रमुख चेहरा रही हैं। उनका एक लंबा और शानदार राजनीतिक करियर रहा है। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले की रहने वाली मोहसिना किदवई ने प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के कार्यकाल में केंद्रीय मंत्री के रूप में कार्य किया और कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। वे उत्तर प्रदेश के मेरठ निर्वाचन क्षेत्र से छठी लोकसभा के लिए चुनी गईं और सातवीं तथा आठवीं लोकसभा में भी इस सीट पर बनी रहीं। यानी ने तीन बार मेरठ से सांसद रहीं। इसके अलावा, उन्होंने 2004 से 2016 के बीच छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सदस्य के रूप में भी कार्य किया।

संसद के दोनों सदनों में प्रतिनिधित्व
अपने राजनीतिक जीवन में वे अलग-अलग समय पर संसद के निचले सदन (लोकसभा) और उच्च सदन (राज्यसभा) दोनों की सदस्य रहीं और जनता की आवाज को मजबूती से उठाया। सरकार के साथ-साथ पार्टी के भीतर भी उनका कद काफी बड़ा था। उन्होंने कांग्रेस की सर्वोच्च नीति-निर्धारक संस्था 'कांग्रेस कार्य समिति' (CWC) और प्रत्याशियों का चयन करने वाली पार्टी की 'केंद्रीय चुनाव समिति' के सदस्य के रूप में भी अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दी थीं।

मोहसिना किदवई को कांग्रेस आलाकमान और विशेषकर गांधी परिवार के बेहद करीब और भरोसेमंद नेताओं में गिना जाता था। वे कांग्रेस के उन गिने-चुने नेताओं में से थीं जिन्होंने पार्टी के कई उतार-चढ़ाव देखे और अपना पूरा जीवन पार्टी की विचारधारा के प्रति समर्पित कर दिया। उत्तर प्रदेश की जमीनी राजनीति से लेकर दिल्ली के सत्ता के गलियारों तक, उनके लंबे और बेदाग राजनीतिक योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।

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