बिना पंजीकरण प्रॉपर्टी बेचना पड़ेगा भारी, फरीदाबाद की SRS रियल एस्टेट पर एक्शन

चंडीगढ़. स्वीकृति लिए बगैर विभिन्न शहरों में प्लॉट और फ्लैट बेच रहे प्रमोटर-डेवलपर पर सरकार सख्त हो गई है। इसी कड़ी में हरियाणा रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (हरेरा) पंचकूला ने एसआरएस रियल एस्टेट लिमिटेड की फरीदाबाद में विकसित की जा रही दो परियोजनाओं को लेकर आम जनता, घर खरीदारों और निवेशकों को सावधान किया है। प्राधिकरण के अनुसार कंपनी ने रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम 2016 के प्रविधानों के तहत अपनी परियोजनाओं का हरेरा में अनिवार्य पंजीकरण नहीं कराया है। ऐसे में लोगों को इन परियोजनाओं में किसी भी भूखंड या इकाई की बुकिंग, खरीद, निवेश अथवा भुगतान नहीं

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Published On :

अक्टूबर 20, 2026

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चंडीगढ़.

स्वीकृति लिए बगैर विभिन्न शहरों में प्लॉट और फ्लैट बेच रहे प्रमोटर-डेवलपर पर सरकार सख्त हो गई है। इसी कड़ी में हरियाणा रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (हरेरा) पंचकूला ने एसआरएस रियल एस्टेट लिमिटेड की फरीदाबाद में विकसित की जा रही दो परियोजनाओं को लेकर आम जनता, घर खरीदारों और निवेशकों को सावधान किया है।

प्राधिकरण के अनुसार कंपनी ने रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम 2016 के प्रविधानों के तहत अपनी परियोजनाओं का हरेरा में अनिवार्य पंजीकरण नहीं कराया है। ऐसे में लोगों को इन परियोजनाओं में किसी भी भूखंड या इकाई की बुकिंग, खरीद, निवेश अथवा भुगतान नहीं करने की सलाह दी गई है।

फरीदाबाद में SRS रियल एस्टेट पर केस दर्ज
फरीदाबाद जिले के थाना सेक्टर-31 में SRS रियल एस्टेट लिमिटेड के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि पीडित कंपनी के 10 से चक्कर लगा रहा है, लेकिन अभी तक उसको फ्लैट नहीं दिया है। आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की जांच के बाद ये कार्रवाही की गई है। तिंगाव के गांव मंधावली के रहने वाले राजेन्द्र ने बताया कि कि उसने वर्ष 2015 में EWS कैटेगरी के तहत पलवल के सेक्टर-6 स्थित SRS ड्रीम होम्स में फ्लैट बुक कराया था। इसके लिए उसने समय-समय पर कुल 2,28,501 रुपए जमा कराए थे। कंपनी ने 9 मार्च 2016 को फ्लैट नंबर 706, 7वीं मंजिल का अलॉटमेंट लेटर भी जारी कर दिया, लेकिन आज तक न तो फ्लैट का कब्जा दिया गया और न ही पैसे वापस किए गए।

10 वर्षों से कंपनी के लगा रहा चक्कर –
पीड़ित का आरोप है कि वह पिछले करीब 10 वर्षों से कंपनी के दफ्तरों और संबंधित अधिकारियों के चक्कर काट रहा था। इस दौरान उसने नगर योजनाकार, उपायुक्त, मुख्यमंत्री कार्यालय और सेक्टर-31 थाना पुलिस को भी कई बार शिकायत दी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

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