होला-मोहल्ला में संगतों को रंग बेचने और फेंकने पर पाबंदी

श्री आनंदपुर साहिब. श्री अकाल तख्त साहिब के एग्जीक्यूटिव और तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने सिख समुदाय को संदेश देते हुए कहा कि होला-मोहल्ला खालसा पंथ का राष्ट्रीय त्योहार है, जिसे खालसा की जन्मभूमि श्री आनंदपुर साहिब की धरती पर खालसाई आन-बान और शान के साथ मनाया जाता है। यह त्योहार गुरमत मर्यादा और पूरे कोड ऑफ कंडक्ट के अनुसार मनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 26 फरवरी को रात 12 बजे गुरुद्वारा किला आनंदगढ़ साहिब में पांच नगाड़े बजाकर होला-मोहल्ला की शुरुआत की जाएगी। 27 फरवरी को गुरुद्वारा श्री पातालपुरी साहिब कीरतपुर साहिब

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Published On :

फ़रवरी 22, 2026

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श्री आनंदपुर साहिब.

श्री अकाल तख्त साहिब के एग्जीक्यूटिव और तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने सिख समुदाय को संदेश देते हुए कहा कि होला-मोहल्ला खालसा पंथ का राष्ट्रीय त्योहार है, जिसे खालसा की जन्मभूमि श्री आनंदपुर साहिब की धरती पर खालसाई आन-बान और शान के साथ मनाया जाता है। यह त्योहार गुरमत मर्यादा और पूरे कोड ऑफ कंडक्ट के अनुसार मनाया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि 26 फरवरी को रात 12 बजे गुरुद्वारा किला आनंदगढ़ साहिब में पांच नगाड़े बजाकर होला-मोहल्ला की शुरुआत की जाएगी। 27 फरवरी को गुरुद्वारा श्री पातालपुरी साहिब कीरतपुर साहिब में श्री अखंड पाठ साहिब शुरू होंगे, जिसका भोग 1 मार्च को डाला जाएगा। इसी तरह, तख्त श्री केसगढ़ साहिब में 2 मार्च को श्री अखंड पाठ साहिब शुरू होगा और 4 मार्च को पूरा भोग डाला जाएगा।

जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने साफ किया कि श्री कीरतपुर साहिब और श्री आनंदपुर साहिब में रंग बेचने और एक-दूसरे पर रंग फेंकने पर पूरी तरह रोक रहेगी। उन्होंने कहा कि हमारा होला-मोहल्ला गुरबानी और नाम के रंगों में रंगने का त्योहार है, इसलिए किसी भी तरह की रंगबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निहंग सिंह फौजा अपने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार सीमित गुलाल का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन आम संगत पर रंग फेंकना या बेचना मना है।

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