Sehore Industrial Unit : मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने वाली एक बड़ी परियोजना शुरू होने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को सीहोर में सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस लिमिटेड की नई पावर ट्रांसफॉर्मर विनिर्माण इकाई से पहले ट्रांसफॉर्मर के रोल-आउट का शुभारंभ करेंगे। करीब 50 एकड़ में स्थापित इस संयंत्र को एक ही स्थान पर स्थित भारत की सबसे बड़ी पावर ट्रांसफॉर्मर निर्माण इकाइयों में से एक बताया जा रहा है।
अगस्त 2025 में हुआ था भूमि-पूजन
इस परियोजना की खास बात इसकी निर्माण गति है। जानकारी के अनुसार, संयंत्र का भूमि-पूजन अगस्त 2025 में किया गया था। इसके बाद महज करीब 13 से 14 महीनों में उत्पादन शुरू होने की स्थिति तक परियोजना पहुंच गई। राज्य सरकार इसे औद्योगिक निवेश को तेजी से जमीन पर उतारने के उदाहरण के तौर पर पेश कर रही है। परियोजना के शुरू होने से सीहोर की औद्योगिक पहचान को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
220 केवी से 1200 केवी तक बनेंगे ट्रांसफॉर्मर
नई इकाई में अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए 220 केवी से लेकर 1200 केवी क्षमता तक के पावर ट्रांसफॉर्मर तैयार किए जाएंगे। देश में बिजली की बढ़ती मांग और हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन नेटवर्क के लगातार विस्तार को देखते हुए इन उपकरणों की जरूरत तेजी से बढ़ रही है। उच्च क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मर बिजली उत्पादन केंद्रों से बिजली को लंबी दूरी तक पहुंचाने वाली ट्रांसमिशन व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
हर महीने 35 ट्रांसफॉर्मर बनाने की क्षमता
सीहोर स्थित इस अत्याधुनिक संयंत्र की उत्पादन क्षमता भी काफी महत्वपूर्ण बताई जा रही है। यहां हर महीने लगभग 35 पावर ट्रांसफॉर्मर तैयार किए जा सकेंगे। इससे भारत में हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन उपकरणों की घरेलू विनिर्माण क्षमता को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा देश को बड़े और आधुनिक पावर ट्रांसफॉर्मर की जरूरतों के लिए घरेलू स्तर पर अधिक सक्षम बनाने में भी यह इकाई मददगार साबित हो सकती है।
डेटा सेंटर से रेलवे तक होगा इस्तेमाल
सीहोर में तैयार होने वाले हाई-कैपेसिटी ट्रांसफॉर्मर का उपयोग कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जाएगा। इनमें बिजली और ट्रांसमिशन परियोजनाओं के अलावा डेटा सेंटर, रेलवे, नवीकरणीय ऊर्जा, तेल एवं गैस तथा ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। देश में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर, रेलवे विद्युतीकरण और सौर-वायु ऊर्जा परियोजनाओं का विस्तार हो रहा है। ऐसे में उच्च क्षमता वाले विद्युत उपकरणों की मांग भी लगातार बढ़ रही है।
2000 से ज्यादा रोजगार के अवसर
नई औद्योगिक इकाई के शुरू होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के बड़े अवसर पैदा होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अनुसार, परियोजना से 2000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बन सकते हैं। इसका फायदा केवल संयंत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को नहीं मिलेगा, बल्कि सप्लाई चेन, परिवहन, लॉजिस्टिक्स, रखरखाव, सर्विस और अन्य सहायक कारोबारों को भी मिल सकता है।
सीहोर की औद्योगिक पहचान होगी मजबूत
इतनी बड़ी क्षमता वाले पावर ट्रांसफॉर्मर संयंत्र की स्थापना से सीहोर की औद्योगिक गतिविधियों को नई दिशा मिलने की संभावना है। राज्य सरकार लगातार इस बात पर जोर दे रही है कि निवेश प्रस्ताव केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें वास्तविक उत्पादन इकाइयों में बदला जाए। इस परियोजना के जरिए स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलने और आसपास के क्षेत्रों में सहायक औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है।
वैश्विक बाजार तक पहुंचेगा सीहोर में बना ट्रांसफॉर्मर
परियोजना का महत्व केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रहने वाला है। सीहोर में निर्मित उच्च क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मर देश के विभिन्न हिस्सों में आपूर्ति किए जाने के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक भी पहुंच सकते हैं। इससे मध्य प्रदेश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को लाभ मिलने की संभावना है। निर्यात में वृद्धि होने पर सीहोर बड़े विद्युत उपकरणों के निर्माण और आपूर्ति केंद्र के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर सकता है।
औद्योगिक निवेश को मिलेगी नई गति
सीहोर की यह परियोजना मध्य प्रदेश में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश और विनिर्माण क्षमता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। एक ओर इससे देश के बिजली और ट्रांसमिशन क्षेत्र को जरूरी उपकरणों की घरेलू आपूर्ति बढ़ाने में मदद मिलेगी, वहीं दूसरी ओर रोजगार और सहायक उद्योगों को भी बढ़ावा मिल सकता है। उत्पादन और निर्यात की क्षमता का बेहतर इस्तेमाल होने पर यह संयंत्र आने वाले वर्षों में क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
मध्य प्रदेश के लिए रणनीतिक महत्व
बिजली की बढ़ती जरूरत और हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार के दौर में बड़े पावर ट्रांसफॉर्मर का घरेलू उत्पादन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। सीहोर में स्थापित यह इकाई इस मांग को पूरा करने में योगदान दे सकती है। परियोजना से मध्य प्रदेश में आधुनिक विनिर्माण, तकनीकी क्षमता और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सरकार के लिए यह निवेश प्रदेश को बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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