Odisha SCB Hospital Fire: SCB ट्रॉमा ICU में लगी आग ने ली 10 जानें, नवीन पटनायक ने जताया दुख

कटक के SCB मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के ट्रॉमा केयर ICU में सोमवार तड़के भीषण आग लगने से 10 मरीजों की दर्दनाक मृत्यु हो गई। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने घटना की न्यायिक जांच और मृतकों के परिजनों को ₹25 लाख मुआवजे की घोषणा की है। पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

Odisha SCB Hospital Fire

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मार्च 16, 2026

Odisha SCB Hospital Fire: सोमवार की तड़के कटक के प्रतिष्ठित एस.सी.बी. (S.C.B.) मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के ट्रॉमा केयर ICU में लगी भीषण आग ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस दुखद हादसे में 10 मरीजों की जान चली गई, जबकि बचाव कार्य में जुटे अस्पताल के 11 कर्मचारी भी घायल हो गए। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने घटना की न्यायिक जांच और पीड़ितों के लिए मुआवजे की घोषणा की है।

अस्पताल के ICU में आधी रात मचा तांडव

यह भीषण अग्निकांड सोमवार तड़के करीब 2:00 से 2:30 बजे के बीच हुआ। स्थानीय पार्षद दीपक कुमार दास के अनुसार, उस समय भारी बारिश हो रही थी। प्रारंभिक जानकारी के संकेत दे रहे हैं कि ट्रॉमा केयर यूनिट में संभवतः शॉर्ट सर्किट के कारण आग भड़की। धुएं और लपटों के बीच मची अफरा-तफरी में कुल 10 लोगों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 7 मरीजों की मृत्यु घटनास्थल पर ही जलने से हुई, जबकि 3 अन्य ने स्थानांतरण के दौरान या उसके बाद दम तोड़ दिया। अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों और मेडिकल स्टाफ ने अपनी जान जोखिम में डालकर मरीजों को बचाने का प्रयास किया, जिसमें 11 कर्मचारी भी घायल हुए हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने जताया शोक

बीजू जनता दल (BJD) के अध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने इस घटना को ‘बेहद दिल दहला देने वाला’ करार दिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति सहानुभूति प्रकट की। पटनायक ने कटक के मेयर और टांगी चौधरी विधायक को तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों में सहायता करने का निर्देश दिया। उन्होंने वर्तमान राज्य सरकार से पुरजोर मांग की कि घायलों को बिना किसी देरी के सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी का घटनास्थल का दौरा

हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने घटनास्थल का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अग्निकांड में जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष (CMRF) से ₹25 लाख की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने बचाव अभियान की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासन का मुख्य ध्यान वर्तमान में अन्य वार्डों में शिफ्ट किए गए 23 मरीजों की सुरक्षा और उनके उपचार पर है।

हादसे की न्यायिक जांच और फायर सेफ्टी बजट पर सरकारी पक्ष

मुख्यमंत्री माझी ने इस गंभीर लापरवाही की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि जांच में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष में फायर सेफ्टी के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ₹420 करोड़ और अगले वर्ष के लिए ₹400 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जल्द से जल्द आग लगने के सटीक कारणों (पुराना AC या शॉर्ट सर्किट) का पता लगाएं ताकि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो